80वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर लाल किले की प्राचीर से PM मोदी ने ‘विकसित भारत 2047’ का बड़ा रोडमैप खोला। ‘सप्तधारा’, सेमीकंडक्टर, 100 GW न्यूक्लियर पावर और 99% ऑफशोर एक्सप्लोरेशन के पीछे आखिर क्या है बड़ा प्लान?
PM Modi Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने के लिए 7-सूत्रीय सुधार ढांचा-'सप्तधारा' पेश किया है। राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने और 'युवा शक्ति' के महा-उत्सव के बीच, पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब भारत को अपने विकास के लिए किसी दूसरे देश का मुंह नहीं ताकना पड़ेगा। 'सप्तधारा' मॉडल के तहत मैन्युफैक्चरिंग, कृषि व खाद्य उद्योग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन-ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर जैसे सात स्तंभों पर अभूतपूर्व काम किया जाएगा।
‘सप्तधारा’ में क्या-क्या शामिल?
PM मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों को विकास की धारा बताया। प्रधानमंत्री के मुताबिक भारत को इन क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाकर वैश्विक स्तर पर मजबूत भूमिका निभानी होगी।
- 1 - मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण),
- 2 - कृषि और खाद्य उद्योग,
- 3 - टेक्नोलॉजी और इनोवेशन,
- 4 - गति शक्ति,
- 5 - रक्षा शक्ति,
- 6 - ग्रीन इकोनॉमी, ब्लू इकोनॉमी,
- 7 - सॉफ्ट पावर
चिप और न्यूक्लियर का महा-योजना: क्या थमने वाली है भारत की दूसरे देशों पर निर्भरता?
डिजिटल क्रांति और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रधानमंत्री ने कई ऐसे आंकड़े और लक्ष्य सामने रखे, जिन्होंने देशवासियों को हैरान कर दिया:
- सेमीकंडक्टर क्रांति: पीएम मोदी ने बताया कि देश में 3 बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट तैयार हो चुके हैं और एक्सपोर्ट के लिए प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। आने वाले 7-8 वर्षों में 5 से 8 और नए प्लांट काम करना शुरू कर देंगे।
- न्यूक्लियर पावर का बड़ा लक्ष्य: ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को समय की मांग बताते हुए 2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर हासिल करने का संकल्प लिया गया, जिसके तहत इसी दशक में 5 नए न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू किए जाएंगे।
'नो-गो' से 'गो-अहेड' तक का सफ़र: समुद्र के नीचे छिपे खज़ाने की खोज!
प्रधानमंत्री ने देश की पुरानी सोच पर कड़ा प्रहार करते हुए एक बड़े नीतिगत बदलाव का खुलासा किया:
- 99% ऑफशोर इलाके खुले: कच्चे तेल और संसाधनों के लिए सोच की सीमाओं को ज़िम्मेदार ठहराते हुए पीएम ने बताया कि पहले समुद्र के 99% ऑफशोर इलाकों को 'नो-गो ज़ोन' बनाकर खोज बंद कर दी गई थी।
- नए भंडार की तलाश: अब सरकार ने इन क्षेत्रों को 'गो-अहेड' ज़ोन में तब्दील कर दिया है और समुद्र के नीचे सक्रिय रूप से नए ऊर्जा भंडारों की खोज शुरू कर दी गई है।
रेलवे और गैस नेटवर्क में 10 गुना छलांग: आंकड़ों की ज़बानी तरक्की की कहानी
देश में ढांचागत सुधारों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने पिछले 12 सालों के रिपोर्ट कार्ड की झलक दिखाई:
- गैस नेटवर्क विस्तार: 12 साल पहले जहां पाइप लाइन से गैस (PNG) सिर्फ 70 शहरों तक सीमित थी, वहीं आज यह आंकड़ा 10 गुना बढ़कर 700 शहरों और 1.75 करोड़ घरों तक पहुँच चुका है।
- 100% रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन: 1925 से 90 सालों में रेलवे का सिर्फ 30% विद्युतीकरण हुआ था, जिसे पिछले एक दशक में 100% पूरा कर डीज़ल इंपोर्ट में बड़ी कटौती की गई है और हाइड्रोजन ट्रेनों की शुरुआत की गई है।
मेक इन इंडिया' से स्वदेशी का संकल्प: जब पीएम ने दिया भ्रम फैलाने वालों को करारा जवाब
पीएम मोदी ने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि संकट के समय कुछ लोग गलत जानकारी फैलाकर मज़ा ले रहे थे, लेकिन देशवासियों के संकल्प ने हर चुनौती को पछाड़ा है। उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों से 'मेक इन इंडिया', 'स्वदेशी' और 'वोकल फॉर लोकल' की भावना से जुड़कर अपनी क्षमताओं को बढ़ाने और अपने हितों की रक्षा खुद करने का आह्वान किया।

