पश्चिम एशिया तनाव और बढ़ती तेल कीमतों के बीच PM मोदी ने हाई-लेवल बैठक की। LPG टैंकर से राहत मिली, जबकि सरकार ने पेट्रोल, गैस और उर्वरक की सप्लाई सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर निर्यात नीति की समीक्षा का संकेत दिया।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक ऐसे समय पर हुई जब वैश्विक तेल बाजार में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत पहले $119 प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, जो बाद में घटकर लगभग $109 प्रति बैरल पर आ गई।

सरकार की प्राथमिकता: पेट्रोल, गैस और उर्वरक की सप्लाई

बैठक में प्रधानमंत्री ने जरूरी क्षेत्रों के संचालन को सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया। चर्चा का मुख्य फोकस पेट्रोलियम, कच्चा तेल, गैस, बिजली और उर्वरक की सप्लाई सुनिश्चित करना रहा। सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने पर बल दिया कि जमीनी स्तर पर किसी भी तरह की बाधा न आए और देशभर में आपूर्ति लगातार बनी रहे।

लॉजिस्टिक्स और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क की समीक्षा

प्रधानमंत्री मोदी ने लॉजिस्टिक्स और वितरण नेटवर्क की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे देश में सप्लाई सिस्टम स्थिर रहे और किसी भी प्रकार की रुकावट को तुरंत दूर किया जाए।

ईंधन कीमतों में बदलाव: औद्योगिक डीजल महंगा

युद्ध शुरू होने के बाद से आम लोगों के लिए पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, अन्य ईंधन श्रेणियों में कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है। खासकर औद्योगिक डीजल की कीमतों में करीब 25% की बढ़ोतरी हुई है, जो वैश्विक बाजार के दबाव को दर्शाती है।

सरकार की नजर स्थिति पर, निर्यात योजना की समीक्षा संभव

अधिकारियों ने बताया कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और उसका मुख्य उद्देश्य घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित रखना है। इस हफ्ते की शुरुआत में पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो भारत अपनी ईंधन निर्यात योजनाओं पर फिर से विचार कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया, “घरेलू खपत हमारी प्राथमिकता है, और जरूरत के अनुसार निर्यात नीति की समीक्षा की जाएगी।” भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल रिफाइनिंग केंद्रों में से एक माना जाता है, इसलिए यहां से होने वाला निर्यात भी वैश्विक बाजार को प्रभावित करता है।

अमेरिका से LPG टैंकर पहुंचा, आपूर्ति को मिली राहत

बैठक के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि अमेरिका से आया एक LPG टैंकर भारत के पश्चिमी तट पर पहुंच चुका है। इससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कुछ राहत मिली है। सरकार इस समय ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने पर खास ध्यान दे रही है, ताकि देश में किसी तरह की कमी न हो।

पश्चिम एशिया तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संकट

पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बना हुआ है और हालात सामान्य होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर Strait of Hormuz से अपनी नाकेबंदी नहीं हटाता, तो अमेरिका ईरान के बिजली ढांचे को निशाना बना सकता है। होर्मुज एक ऐसा समुद्री मार्ग है, जो दुनिया में तेल परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

ईरान-इजरायल संघर्ष और परमाणु ठिकानों पर हमले

तनाव के बीच ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, नतांज न्यूक्लियर फैसेलिटी पर हमले के जवाब में ईरान ने मध्य इजराइल में स्थित एक परमाणु केंद्र को निशाना बनाया। इसके अलावा, हूती विद्रोहियों ने भी लाल सागर और स्वेज नहर क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को खतरा पैदा करते हुए इस संघर्ष में शामिल होने की धमकी दी है।