शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में पीएम नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के इकोसिस्टम को खत्म करने, क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने और व्यापारिक कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 10 अहम बिंदु रखे। पढ़ें भाषण की पूरी रिपोर्ट।

PM Modi On State Sponsored Terrorism: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंच से क्षेत्रीय सहयोग, आतंकवाद, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों को लेकर कई अहम बातें कहीं। अपने संबोधन में उन्होंने न केवल आतंकवाद और सीमा विवादों पर खुलकर बात की, बल्कि इस संगठन को सिर्फ बयानबाजी तक सीमित न रखकर ठोस कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया। पीएम मोदी के इस भाषण से 10 ऐसी बड़ी बातें निकलकर सामने आती हैं, जो न सिर्फ भारत बल्कि पूरे SCO क्षेत्र की दिशा तय कर सकती हैं।

1. सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर: SCO के तीन मजबूत पिलर

प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि SCO को सुरक्षा (Security), कनेक्टिविटी (Connectivity) और अवसर (Opportunities)—इन तीन मुख्य स्तंभों पर ज्यादा से ज्यादा काम करना होगा। अब वक्त सिर्फ सोच या विज़न तक सीमित रहने का नहीं है, बल्कि धरातल पर ऐसे फैसले लेने का है जिनके सीधे नतीजे दिखाई दें।

2. Terrorism पर जीरो टॉलरेंस, पूरे नेटवर्क को खत्म करने की जरूरत

आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह के दोहरे रवैये को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। पीएम मोदी के संदेश में आतंकवाद की फंडिंग, आतंकियों की भर्ती, कट्टरपंथ और उन्हें सुरक्षित ठिकाने देने वाले नेटवर्क पर एक साथ कार्रवाई की जरूरत बताई गई। यानी सिर्फ आतंकियों को निशाना बनाना काफी नहीं है। पूरे टेररिज्म इकोसिस्टम को खत्म करना जरूरी है।

3. State-Sponsored Terrorism पर स्पष्ट संदेश

बिना नाम लिए पड़ोसी देशों को आड़े हाथों लेते हुए पीएम ने संदेश दिया कि 'स्टेट-स्पॉन्सर्ड टेररिज्म' (राज्य-समर्थित आतंकवाद) के खिलाफ दुनिया को एकजुट होना होगा। आतंकवाद को किसी भी सूरत में राजनीतिक या रणनीतिक हथियार (Strategic Asset) के तौर पर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

4. Afghanistan में शांति और स्थिरता के लिए मदद

अफ़ग़ानिस्तान के मौजूदा हालात पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वहां शांति और स्थिरता बेहद जरूरी है। इसके लिए अफ़ग़ान नागरिकों को लगातार विकास कार्यों में मदद और मानवीय सहायता दी जानी चाहिए, ताकि वहां का जनजीवन सामान्य हो सके।

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5. Regional Conflicts को बातचीत से सुलझाने की अपील

वैश्विक तनाव और क्षेत्रीय झगड़ों पर पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि युद्ध या तनाव से बात नहीं बनेगी। झगड़ों को इस हद तक नहीं बढ़ने देना चाहिए कि उससे ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी, समुद्री व्यापार या फिर अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन प्रभावित हो। हर मसले का हल सिर्फ कूटनीति और आपसी बातचीत के जरिए ही निकलना चाहिए।

6. Drug Trafficking और Organized Crime पर क्षेत्रीय कार्रवाई

ड्रग तस्करी, संगठित अपराध और दूसरे सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए SCO देशों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है। इसके लिए अलग-अलग सिस्टम के बीच सहयोग बढ़ाने और समय पर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

7. SCO Connectivity में Sovereignty का सम्मान

पीएम मोदी ने ऐसी कनेक्टिविटी की जरूरत बताई जो भरोसेमंद और सभी को साथ लेकर चलने वाली हो। साथ ही उन्होंने SCO चार्टर के सिद्धांतों के मुताबिक सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की बात कही।

8. Trade और Logistics Connectivity को आधुनिक बनाने पर जोर

व्यापार को आसान बनाने के लिए कस्टम प्रक्रियाओं को सरल करने, डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन बढ़ाने और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत बताई गई। इससे SCO देशों के बीच सामान की आवाजाही और व्यापारिक संपर्क को तेज और सुगम बनाने में मदद मिल सकती है।

9. SCO के केंद्र में Youth और आम लोगों को रखें

पीएम मोदी ने SCO सहयोग को सिर्फ सरकारों तक सीमित रखने के बजाय लोगों के बीच संबंध मजबूत करने पर जोर दिया। युवाओं, उद्यमियों, किसानों और आम नागरिकों को सहयोग की प्रक्रिया में अधिक अवसर देने की बात कही गई। उनका फोकस ऐसा सहयोग तैयार करने पर रहा, जिससे आम लोगों के लिए वास्तविक अवसर पैदा हों।

10. Youth, Science और Culture Exchange को बढ़ावा

SCO देशों के बीच युवाओं, वैज्ञानिकों, उद्यमियों और सांस्कृतिक क्षेत्र में आदान-प्रदान बढ़ाने की जरूरत बताई गई। इस दिशा में SCO Startup Forum, Young Authors' Conclave और Young Scientists' Forum जैसी पहलों को महत्वपूर्ण बताया गया। इसके अलावा प्रस्तावित SCO Civilizational Dialogue Forum का पहला सत्र भारत में आयोजित करने की बात भी सामने आई।

SCO में पीएम मोदी का व्यापक संदेश क्या रहा?

पीएम मोदी के संदेशों का व्यापक फोकस सुरक्षा और आतंकवाद से लेकर व्यापार, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंध मजबूत करने पर रहा। इसमें एक तरफ आतंकवाद और संगठित अपराध जैसी चुनौतियों पर मिलकर कार्रवाई की बात है, तो दूसरी ओर युवाओं, कारोबार और विज्ञान के जरिए नए अवसर पैदा करने पर जोर है। कुल मिलाकर, संदेश यही रहा कि SCO सहयोग सिर्फ बैठकों और घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर जमीन पर भी दिखाई दे।