PNG Connection Mandatory: वडोदरा में LPG उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन लेने के लिए कितने समय की मोहलत दी गई है? VGL किन परिस्थितियों में LPG सप्लाई बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है? क्या किराएदार भी PNG कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं और आवेदन प्रक्रिया क्या है?

अगर आप वडोदरा की किसी हाउसिंग सोसाइटी में रहते हैं और अभी भी खाना पकाने के लिए LPG सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आने वाले महीनों में आपको बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने के लिए वडोदरा गैस लिमिटेड (VGL) ने कई हाउसिंग सोसाइटियों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है।

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इन नोटिसों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिन इलाकों में PNG नेटवर्क उपलब्ध है, वहां रहने वाले लोगों को निर्धारित समय सीमा के भीतर PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। ऐसा नहीं करने पर LPG सप्लाई बंद किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

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अफवाह नहीं, कंपनी ने की पुष्टि

शुरुआत में कई लोगों ने इस खबर को अफवाह समझा, लेकिन बाद में वडोदरा गैस लिमिटेड ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी। कंपनी द्वारा विभिन्न हाउसिंग सोसाइटियों को लिखित सूचना भेजी जा रही है। मकरपुरा स्थित नीरव पार्क सोसाइटी को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि नोटिस प्राप्त होने की तारीख से तीन महीने के भीतर PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय के बाद LPG सप्लाई पर रोक लगाने की कार्रवाई की जा सकती है।

आखिर PNG को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है?

VGL के अनुसार केंद्र सरकार ने प्राकृतिक गैस को आवश्यक वस्तु की श्रेणी में रखा है और घरेलू उपभोक्ताओं तक PNG के माध्यम से गैस पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य दो प्रमुख लक्ष्यों को हासिल करना है-

  • LPG सिलेंडरों पर निर्भरता कम करना
  • देशभर में विकसित हो रहे PNG नेटवर्क का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना

PNG न केवल सुविधाजनक है, बल्कि नियमित गैस आपूर्ति और सुरक्षा के लिहाज से भी कई मामलों में बेहतर विकल्प माना जाता है।

तीन महीने की समय सीमा क्यों महत्वपूर्ण है?

VGL अधिकारियों के मुताबिक यह निर्णय केंद्र सरकार के नियामक आदेशों के आधार पर लिया गया है। पहले जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया था कि जिन उपभोक्ताओं के पास PNG कनेक्शन उपलब्ध है, वे LPG रिफिल नहीं ले सकेंगे। उन्हें अपना LPG कनेक्शन बंद कराने या स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इसके बाद लागू किए गए Natural Gas and Petroleum Products Distribution Order 2026 के तहत गैस वितरण कंपनियों को उन क्षेत्रों में LPG सप्लाई बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने का अधिकार दिया गया है, जहां PNG नेटवर्क पहले से मौजूद है।

तेल कंपनियां भी दे चुकी हैं चेतावनी

मई 2026 में देश की प्रमुख तेल कंपनियों, इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने संयुक्त रूप से एक सार्वजनिक सूचना जारी की थी। इस नोटिस में उपभोक्ताओं को सलाह दी गई थी कि वे अपने इलाके में PNG सेवा की उपलब्धता की जांच करें और जल्द से जल्द आवेदन करें। जिन उपभोक्ताओं के पास पहले से PNG कनेक्शन मौजूद है, उन्हें अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। इसके लिए MyPNGD पोर्टल या संबंधित गैस वितरक की सहायता ली जा सकती है।

कौन ले सकता है PNG कनेक्शन?

वडोदरा गैस लिमिटेड के अनुसार PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करने हेतु मकान मालिक होना जरूरी नहीं है। यदि कोई व्यक्ति कानूनी रूप से उस घर में रह रहा है, चाहे वह मालिक हो या किराएदार, वह PNG कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकता है। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 से अब तक लगभग 17 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से करीब 11 हजार नए PNG कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।

तेजी से बढ़ रहा है PNG नेटवर्क

VGL फिलहाल शहर के उन इलाकों में भी नेटवर्क विस्तार पर काम कर रही है, जहां अभी PNG सेवा उपलब्ध नहीं है। कंपनी का लक्ष्य अधिक से अधिक घरों को पाइप्ड गैस नेटवर्क से जोड़ना है ताकि भविष्य में घरेलू गैस आपूर्ति पूरी तरह आधुनिक और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा सके।

मंत्रालय के संशोधन के बाद तेज हुई प्रक्रिया

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 25 मई को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 के तहत एक महत्वपूर्ण संशोधन जारी किया था। इसी संशोधन के बाद PNG को बढ़ावा देने और LPG पर निर्भरता कम करने की प्रक्रिया में तेजी आई है। सरकार और गैस वितरण कंपनियां अब उन क्षेत्रों में PNG को प्राथमिक विकल्प के रूप में लागू करने पर जोर दे रही हैं जहां बुनियादी ढांचा पहले से उपलब्ध है।

क्या करें उपभोक्ता?

यदि आपके क्षेत्र में PNG नेटवर्क उपलब्ध है, तो समय रहते इसकी जानकारी प्राप्त करें और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें। इससे भविष्य में गैस सप्लाई से जुड़ी किसी भी असुविधा से बचा जा सकेगा। वडोदरा में शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में देश के अन्य शहरों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है, जहां PNG नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है।