प्रतीक यादव की मौत के बाद अब अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ चुकी है। इस मेडिकल रिपोर्ट में कई नए खुलासे हुए हैं।रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स यानी हार्ट और सांस की प्रक्रिया अचानक बंद होने से हुई। लेकिन इनकी लाइफ में कृष्णानंद पांडेय नाम का शख्स भी विलेन बनकर आया था। जिसकी वजह से प्रतीक डिप्रेश में चले गए।

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की आज बुधवार का निधन हो गया। उनकी मौत को लेकर मीडिया में कई तरह की खबरें सामने आईं। लेकिन अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक यादव की मौत कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स से हुई है। इस रिपोर्ट में कई अहम बातें लिखी हैं। लेकिन पुलिस की जांच में प्रतीक के पीछे एक दूसरा एंगल भी सामने आ रहा है। जिसके कारण वो इतने डिप्रेशन में आ गए और उन्हें गंभीर बीमरी ने जकड़ लिया। जिस शख्स की वजह से वह तनाम से गुजर रहे थे उसकी प्रोफाइल भी पुलिस रिकॉर्ड में आ चुका है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कौन है प्रतीक की लाइफ में विलेन बनकर आया कृष्णानंद पांडेय

दरअसल, पुलिस जांच में जो पता चला है कि उसके मुताबिक, प्रतीक यादव करोड़ों रुपए की कथित धोखाधड़ी और रंगदारी के मामले को लेकर डिप्रेशन में थे। इसको लेकर उन्होंने पुलिस में शिकायत भी कराई थी। आरोप है कि लखनऊ के चिनहट क्षेत्र के रहने वाले प्रॉपर्टी कारोबारी कृष्णानंद पांडेय ने प्रतीक यादव से रियल एस्टेट कारोबार में निवेश के नाम पर बड़ी रकम लगवाई थी। इतना ही नहीं उन्हें कंपनी का शेयर भी दिया था। लेकिन फाइनेंस को लेकर जो फैसले होते थे, वह कृष्णानंद ही करता था। कई मामलों की तो प्रतीक को भनक ही नहीं लगने देता था।

प्रतीक यादव ने आरोपी के खिलाफ दर्ज कराई थी शिकायत

प्रतीक यादव ने कृष्णानांद पांडेय के खिलाफ जो शिकायत दर्ज कराई थी उसके मुताबिक, आरोपी ने प्रतीक के पैसे से कई डील कर चुका था। मुनाफा भी कमा चुका था, लेकिन प्रतीक को इसकी जानकारी नहीं थी। सौदा होने के बाद भी पैसे का कोई हिसाब नहीं देता था। ऊपर से झूठे आरोप लगाकर फंसाने की धमकी देता था। साथ ही पद प्रतिष्ठा और परिवार के लिए फंसाने की धमकी दे चुका था। अब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। जांच के लिए एक टीम का गठन भी कर दिया है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनाने वाले डॉक्टरों ने क्या कहा

सिविल अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डीसी पांडेय ने बताया कि जब तक प्रतीक को अस्पताल लाया गया था, तब तक उनकी जान जा चुकी थी। यानि पल्स पूरी तरह से डाउन हो चकी थीं। हार्ट ने काम करना बंद कर दिया था। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनाने वाली मेडिकल टीम का कहना है कि मौत की मुख्य वजह कार्डिएक अरेस्ट है। विसरा रिपोर्ट के बाद और चीजें स्पष्ट होंगी। फिलहाल प्रतीक का शव घर लाया गया है। कल गुरुवार को दोपहर 12:30 बजे पिपरा घाट पर अंतिम संस्कार होगा।