Prayagraj Metro Project: प्रयागराज में मेट्रो चलाने की योजना ने एक कदम आगे बढ़ाया है। करीब ₹12,000 करोड़ की नई DPR तैयार हो गई है। शांतिपुरम से नैनी और झूंसी से एयरपोर्ट तक दो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। अब राज्य और केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार है।

संगम नगरी प्रयागराज में आने वाले वर्षों में सफर का तरीका बदल सकता है। शहर में मेट्रो चलाने की योजना एक कदम आगे बढ़ी है। करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क की नई डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार हो गई है। रेलवे की तकनीकी सलाहकार कंपनी RITES ने इसे उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) को सौंप दिया है।

हालांकि, रिपोर्ट तैयार होने का मतलब यह नहीं है कि निर्माण शुरू होने वाला है। परियोजना को पहले राज्य सरकार और फिर केंद्र सरकार से मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके बाद ही निर्माण और संचालन की समयसीमा स्पष्ट हो सकेगी।

प्रयागराज में कहां-कहां से गुजरेगी मेट्रो?

नई DPR में प्रयागराज के लिए दो मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। पहला रूट शांतिपुरम से नैनी के छिवकी तक जाएगा। दूसरा कॉरिडोर झूंसी को एयरपोर्ट और प्रस्तावित एयरोसिटी क्षेत्र से जोड़ने की योजना पर आधारित है।

प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के उपाध्यक्ष ऋषिराज के मुताबिक, झूंसी से बमरौली तक प्रस्तावित रूट को बढ़ाकर एयरपोर्ट तक किया गया है। इसके अलावा, दोनों कॉरिडोर के जंक्शन पर परेड में प्रस्तावित रोपवे स्टेशन को भी योजना में शामिल किया गया है। इससे भविष्य में मेट्रो और रोपवे के बीच कनेक्टिविटी विकसित करने की संभावना बनेगी।

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पहले मेट्रोलाइट की थी योजना, अब फुल मेट्रो पर जोर

प्रयागराज में मेट्रो परियोजना को लेकर पिछले कुछ वर्षों में योजना बदली है। शुरुआत में फुल मेट्रो नेटवर्क की DPR तैयार की गई थी, लेकिन बाद में राज्य सरकार के निर्देश पर RITES ने मेट्रोलाइट सिस्टम का विकल्प भी तैयार किया।

मेट्रोलाइट में सामान्य मेट्रो की तुलना में हल्का इंफ्रास्ट्रक्चर और छोटे स्टेशन रखने की योजना होती है। हालांकि, UPMRC के सुझाव पर दोबारा सर्वे कराया गया और फुल मेट्रो नेटवर्क की नई DPR तैयार की गई। अब इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होनी है।

₹12,000 करोड़ की परियोजना को कब मिलेगी मंजूरी?

प्रस्तावित मेट्रो परियोजना की अनुमानित लागत करीब 12,000 करोड़ रुपये है। निर्माण शुरू होने से पहले राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी होगी। इसके बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। परियोजना के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

फिलहाल, मेट्रो निर्माण शुरू होने या यात्रियों के लिए सेवा चालू होने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है। यानी प्रयागराज में मेट्रो का रास्ता जरूर आगे बढ़ा है, लेकिन शहरवासियों को इसके लिए अभी मंजूरियों और आगे की प्रक्रिया का इंतजार करना होगा।

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