Prayagraj Lawyer Protest: प्रयागराज में पुलिस और वकीलों के बीच विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। जॉर्जटाउन थाने की एफआईआर के विरोध में अधिवक्ताओं ने सड़क पर प्रदर्शन किया, टायर जलाए और SHO को हटाने की मांग उठाई।

प्रयागराज में पुलिस और वकीलों के बीच शुरू हुआ विवाद अब खुलकर सड़क पर आ गया है। जॉर्जटाउन थाना पुलिस की कार्रवाई से नाराज अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी हुई, सड़क पर टायर-ट्यूब जलाए गए और थाना प्रभारी को हटाने की मांग उठी। मामले ने शहर में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

एफआईआर के विरोध में सड़क पर उतरे वकील

जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत जॉर्जटाउन थाना क्षेत्र में एक मकान के कब्जे से जुड़े मामले से हुई। इसी प्रकरण में पुलिस ने कुछ अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इस कार्रवाई से नाराज बड़ी संख्या में वकील कचहरी परिसर के बाहर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और सड़क पर टायर-ट्यूब जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। कुछ समय के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित हुआ, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

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DCP सिटी पहुंचे, बातचीत के बाद शांत हुआ माहौल

स्थिति बिगड़ती देख डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना। पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद माहौल धीरे-धीरे सामान्य हुआ और प्रदर्शन समाप्त कराया गया।

अधिवक्ताओं का आरोप है कि जॉर्जटाउन थाना प्रभारी ने बिना निष्पक्ष जांच किए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। उनका कहना है कि पुलिस ने पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई की है, जिससे वकीलों में नाराजगी बढ़ी है।

महिला अधिवक्ता की शिकायत पर भी उठे सवाल

प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने आरोप लगाया कि एक महिला अधिवक्ता के साथ कथित छेड़खानी की घटना हुई थी, लेकिन उसकी शिकायत के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसी मुद्दे को लेकर अधिवक्ताओं ने महिला वकील की शिकायत पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जॉर्जटाउन थाना प्रभारी को तत्काल हटाने की मांग की।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और दोनों पक्षों के तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन इस विवाद पर सभी की नजर बनी हुई है।

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