Sanjeev Arora Arrested: पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा पर ED का शिकंजा कस गया है। चंडीगढ़ समेत कई ठिकानों पर छापेमारी के बाद गिरफ्तारी की चर्चा तेज है। उन पर फर्जी GST बिल, मनी लॉन्ड्रिंग और रियल एस्टेट घोटाले जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
Sanjeev Arora ED Raid Punjab GST Scam: पंजाब की राजनीति में शुक्रवार सुबह उस वक्त हलचल मच गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी के बाद अब सूत्रों के हवाले से उनकी गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। हालांकि, ED की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने पंजाब सरकार और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

जानकारी के मुताबिक, 9 मई की सुबह करीब 7:25 बजे ED की टीम भारी सुरक्षा बल के साथ चंडीगढ़ सेक्टर-2 स्थित मंत्री आवास पर पहुंची। करीब 20 गाड़ियों का काफिला और तीन दर्जन से अधिक CIA तथा SF जवानों की मौजूदगी ने इलाके में सनसनी फैला दी। बताया जा रहा है कि यह बीते एक साल में तीसरी और सिर्फ एक महीने के भीतर दूसरी बड़ी रेड है।
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कई शहरों में एक साथ हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, ED ने चंडीगढ़, गुरुग्राम और दिल्ली में हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के दफ्तरों के साथ-साथ संजीव अरोड़ा के आवासों पर एक साथ छापेमारी की। एजेंसी कथित तौर पर आर्थिक अनियमितताओं, फर्जी GST बिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है, जबकि सत्ताधारी पक्ष की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या हैं संजीव अरोड़ा पर आरोप?
सूत्रों के मुताबिक, संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़े नेटवर्क पर 100 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी GST बिल बनाने का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि मोबाइल फोन कारोबार से जुड़े फर्जी बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा लिया गया। इसके अलावा उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप भी लगे हैं। जांच में कथित तौर पर यह सामने आया है कि दुबई से ‘राउंड ट्रिप’ के जरिए अवैध धन भारत लाया गया और GST रिफंड व ड्यूटी ड्रॉबैक का लाभ उठाया गया।
जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि कहीं औद्योगिक जमीन को आवासीय परियोजनाओं में बदलकर सरकारी राजस्व को नुकसान तो नहीं पहुंचाया गया। साथ ही अवैध सट्टेबाजी से जुड़े पैसे को रियल एस्टेट सेक्टर में लगाने के आरोप भी सामने आए हैं।
PMLA के तहत कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, ED ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की आपराधिक धाराओं के तहत की है। एजेंसी दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और कथित शेल कंपनियों के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
पहले भी हो चुकी हैं रेड
संजीव अरोड़ा पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रहे हैं।
- साल 2024 में लुधियाना पश्चिम से विधायक रहते हुए जमीन घोटाले को लेकर उनके ठिकानों पर छापेमारी हुई थी।
- अप्रैल 2026 में FEMA के तहत गुरुग्राम, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर समेत 13 ठिकानों पर कार्रवाई की गई थी।
- 18 अप्रैल 2026 को भी लुधियाना स्थित उनके घर पर रेड हुई थी।
लगातार हो रही जांच और छापेमारी के बाद अब उनकी गिरफ्तारी की खबर ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल ED की ओर से गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद एजेंसी ने बड़ा कदम उठाया है। अब सभी की नजर ED की आधिकारिक प्रेस रिलीज और आगामी कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है। इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है और आने वाले दिनों में यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।
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