INDI Bloc Supreme Court March Update: राहुल गांधी की अगुवाई में INDIA गठबंधन का मार्च सुप्रीम कोर्ट से 600 मीटर पहले रोका गया। चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर विपक्ष ने याचिका दायर की।

राहुल गांधी की अगुवाई में INDIA गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। हालांकि, इस मार्च को शीर्ष अदालत से करीब 600 मीटर दूर भगवान दास रोड पर रोक दिया गया। इस बीच, चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस की कानूनी टीम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। राहुल गांधी इस याचिका के मुख्य याचिकाकर्ता हैं। उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तेजस्वी यादव, सौगत रॉय और अखिलेश यादव भी याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं।

मार्च के दौरान बड़ी संख्या में विपक्षी समर्थक और कार्यकर्ता जुटे। विपक्षी दलों का कहना है कि वे मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, वोट चोरी के आरोपों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को अदालत के सामने रखना चाहते हैं। इससे पहले राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कथित वोट चोरी के आरोपों पर चर्चा के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मिलने का समय मांगा था। हालांकि, CJI ने राहुल गांधी से मिलने से इनकार कर दिया। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों और इस मुद्दे से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई में CJI की भूमिका को ध्यान में रखकर लिया गया।

चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

  • विपक्ष ने चुनाव आयोग से जुड़े कई मुद्दों को उठाने की तैयारी की थी। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति की संरचना जैसे मुद्दे शामिल हैं।
  • कांग्रेस की कानूनी टीम ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। राहुल गांधी इस याचिका के मुख्य याचिकाकर्ता हैं। उनके अलावा मल्लिकार्जुन खड़गे, तेजस्वी यादव, सौगत रॉय और अखिलेश यादव भी इसमें शामिल हैं।
  • विपक्षी दल मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।

CJP नेताओं ने संसद मार्ग थाने में पुलिस से मांगी प्रदर्शन की तारीख

  • इसी बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका समेत अन्य नेताओं ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन का दौरा किया। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए तारीख मांग रहे थे।
  • CJP ने दिल्ली पुलिस को प्रदर्शन की तारीख तय करने के लिए 24 घंटे का समय भी दिया है। पार्टी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करना चाहती है।
  • इससे पहले भी CJP ने इस मुद्दे पर आंदोलन की घोषणा की थी। हालांकि, दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के कारण आंदोलन प्रभावित हुआ।

दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 7000 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में

  • शनिवार को दिल्ली में बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने CJP नेता अभिजीत दिपके और चार पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के कारण ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़ा प्रदर्शन नहीं हो सका।
  • प्रदर्शन के लिए तय जंतर-मंतर का इलाका दिनभर लगभग सुनसान रहा। राजधानी में 30,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। लुटियंस दिल्ली के कई हिस्सों में बैरिकेड्स लगाए गए, ताकि प्रदर्शनकारी निर्धारित क्षेत्र तक नहीं पहुंच सकें।
  • रविवार को भी पुलिस की कार्रवाई जारी रही। जंतर-मंतर की ओर नारे लगाते हुए बढ़ रहे 200 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। कई लोगों को पुलिस बसों में ले जाते हुए देखा गया। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब CJP का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन में पहुंच गया था।
  • प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। शाम 6:30 बजे के बाद भी अलग-अलग स्थानों से लोगों को हिरासत में लिया गया।

ज्ञानेश कुमार पर क्यों उठ रहे सवाल?

  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध ऐसे समय में हो रहा है, जब चुनाव आयोग की मतदाता सूची से जुड़ी SIR प्रक्रिया की आलोचना बढ़ रही है।
  • विवाद उस समय और बढ़ गया, जब ऐसी खबरें सामने आईं कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार फैसलों और आदेशों पर आपत्ति जताई थी।
  • इनमें कुछ ऐसे आदेश भी शामिल बताए गए, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि वे उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए थे। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि तीन सदस्यीय चुनाव पैनल ने SIR से जुड़े फैसलों समेत सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए थे।

इस तरह, एक तरफ INDIA गठबंधन चुनाव आयोग के खिलाफ अपने आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, वहीं दूसरी तरफ CJP ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए पुलिस से अनुमति की तारीख मांग रही है। अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।