दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वो कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार का कुर्ता पकड़कर उन्हें पीछे धकेलते दिख रहे हैं। कन्नड़ लोग इसे कर्नाटक के स्वाभिमान का अपमान बताकर भड़क गए हैं।

नई दिल्ली: दिल्ली में कांग्रेस के एक बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का कॉलर और कुर्ता पकड़कर उन्हें किनारे खींचते नजर आ रहे हैं। राहुल गांधी को अच्छे से पता था कि उनके बगल में दक्षिण भारत के एक प्रमुख राज्य के सीएम चल रहे हैं, फिर भी उन्होंने ऐसा किया। इस हरकत ने बड़े विवाद को जन्म दे दिया है और लोग इसे कर्नाटक के स्वाभिमान पर चोट बता रहे हैं।

दिल्ली में 'सुप्रीम कोर्ट चलो' मार्च चल रहा था। राहुल गांधी नेताओं की लाइन में सबसे आगे चल रहे थे। कैमरों और मीडिया का ध्यान अपनी तरफ खींचने की जल्दबाजी में राहुल ने अपने ठीक बगल में चल रहे सीएम डीके शिवकुमार का कॉलर और कुर्ता कसकर पकड़ा और उन्हें साइड में धकेल दिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि इस घटना के बाद डीके शिवकुमार सुरक्षाकर्मियों की धक्का-मुक्की में फंस गए और भीड़ में पीछे चले गए। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

राहुल गांधी पर भड़के कन्नड़ लोग

वीडियो वायरल होते ही कन्नड़ लोगों ने राहुल गांधी के इस रवैये पर भारी गुस्सा जाहिर किया है। लोगों का कहना है कि जो शख्स ग्राम पंचायत अध्यक्ष बनने के लायक नहीं है, वो कर्नाटक के मुख्यमंत्री को सरेआम इस तरह धक्का दे रहा है। यह कन्नड़ लोगों और कर्नाटक राज्य के स्वाभिमान का बहुत बड़ा अपमान है।

राज्य के स्वाभिमान को ठेस: "मैं भले ही डीके शिवकुमार का समर्थक नहीं हूं, लेकिन अपने गृह राज्य के मुख्यमंत्री के साथ सरेआम ऐसा बर्ताव देखकर मुझे बहुत दुख हुआ है। संवैधानिक पदों की इज्जत न करने वाले इस नेता से कहीं ज्यादा डीके शिवकुमार ने विश्व स्तर और राजनीति में हासिल किया है," एक यूजर ने लिखा।

क्या 1990 की वीरेंद्र पाटिल वाली घटना दोहराई गई?: कन्नड़ लोगों और राजनीतिक जानकारों ने इस घटना की तुलना 1990 के उस ऐतिहासिक वाकये से की है, जब राजीव गांधी ने एयरपोर्ट पर तत्कालीन सीएम वीरेंद्र पाटिल का अपमान करके उन्हें पद से हटा दिया था। एक यूजर ने लिखा, "उस दिन पिता राजीव गांधी ने वीरेंद्र पाटिल का अपमान किया था, आज बेटे राहुल गांधी ने डीके शिवकुमार के साथ वही किया। कन्नड़ लोग कांग्रेस के इस अहंकार को कभी माफ नहीं करेंगे।"

क्या यह बिना रीढ़ की लीडरशिप है?: कुछ यूजर्स ने तीखा तंज कसते हुए कहा, "इतने सरेआम अपमान और बेइज्जती के बाद भी अगर डीके शिवकुमार कांग्रेस में बने रहते हैं, तो इसका मतलब है कि वो इसी बर्ताव के लायक हैं।"

बीजेपी से प्रदर्शन की मांग: सोशल मीडिया पर लोगों ने कमेंट किया कि भले ही कर्नाटक कांग्रेस में अपने नेता के अपमान के खिलाफ बोलने की हिम्मत न हो, लेकिन बीजेपी और दूसरे संगठनों को कन्नड़ लोगों की तरफ से गांधी परिवार के इस अहंकार के खिलाफ दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करना चाहिए।

सियासी गलियारों में मची हलचल

विरोध मार्च में राहुल गांधी द्वारा अपनी ही पार्टी के सीनियर नेता और ताकतवर मुख्यमंत्री को इस तरह धक्का देने का वीडियो सामने आते ही बवाल मच गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गांधी परिवार के नेताओं को लेकर तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है। दिल्ली में कर्नाटक के इस दिग्गज नेता के अपमान ने आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में बड़े भूचाल का संकेत दे दिया है।

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