Ram Mandir New CEO: राम मंदिर के नए सीईओ के लिए 5300 से ज्यादा आवेदन आए। अब 18 उम्मीदवार फाइनल की रेस में हैं। इनमें 3 शर्ते पूरी करने वाले को ही जिम्मेदारी दी जाएगी।

Ram Mandir CEO Selection: अयोध्या के भव्य राम मंदिर को अपना नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) मिलने वाला है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब मंदिर के लिए नए CEO की तलाश के आखिरी दौर में पहुंच गया है। इस पद के लिए 5 हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया था, लेकिन छंटनी के बाद सिर्फ 18 दिग्गज ही फाइनल राउंड तक पहुंच पाए हैं। इन 18 उम्मीदवारों का इंटरव्यू मंदिर परिसर में होगा। इसके बाद चयन समिति सिर्फ 3 नामों को आगे भेजेगी। आइए जानते हैं ये पूरी प्रक्रिया कैसे चल रही है और वो 3 सबसे कड़ी शर्तें क्या हैं, जिन्हें माने बिना किसी को भी राम मंदिर की कमान नहीं मिलेगी...

5300 से ज्यादा लोगों ने किया था आवेदन

राम मंदिर के CEO का पद कितना अहम है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके लिए 5,300 से ज्यादा आवेदन मिले थे। आवेदनों की जांच के बाद उम्मीदवारों की संख्या कम की गई। शुरुआती दौर में करीब 55 लोगों का इंटरव्यू हुआ। इस प्रक्रिया के बाद अब 18 उम्मीदवारों को अगले राउंड के लिए चुना गया है। अब इन्हीं 18 लोगों के बीच फाइनल मुकाबला है।

अयोध्या मंदिर परिसर में ही होगा इंटरव्यू

CEO पद के लिए चुने गए उम्मीदवारों का इंटरव्यू मंदिर परिसर में लिया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंटरव्यू मंगलवार और बुधवार को होने हैं। इस चयन प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए एक खास पैनल बनाया गया है। इसमें रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और शिर्डी साईंबाबा ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं। ये सभी उम्मीदवार में मंदिर के बड़े स्तर के मैनेजमेंट और प्रशासन को संभालने की उनकी क्षमता देखेंगे।

राम मंदिर CEO को क्या करना होगा?

CEO का काम मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज और मैनेजमेंट को व्यवस्थित तरीके से चलाना होगा। मंदिर में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में व्यवस्था, प्रशासन, कर्मचारियों के काम, अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल और मंदिर से जुड़े दूसरे मैनेजमेंट कार्यों को संभालना CEO की बड़ी जिम्मेदारियों में शामिल होगा। इसी वजह से प्रशासन और मैनेजमेंट का अच्छा अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आई है।

राम मंदिर सीईओ बनने की 3 सबसे कड़ी शर्तें

  1. राम मंदिर के CEO की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। क्योंकि ये मैनेजमेंट का बहुत बड़ा काम है, इसलिए प्रशासन और मैनेजमेंट का अच्छा-खासा अनुभव होना भी जरूरी है।
  2. सबसे पहली और जरूरी शर्त यह है कि उम्मीदवार का हिंदू होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उसे हिंदू धर्म की सभी परंपराओं और नियमों को मानना होगा।
  3. इस पद पर बैठने वाले व्यक्ति का खान-पान एकदम सात्विक होना चाहिए। यानी उन्हें पूरी तरह से शुद्ध शाकाहारी होना होगा। उम्मीदवार शराब, सिगरेट या किसी भी तरह के नशे से कोसों दूर रहना चाहिए।

राम मंदिर में नए CEO की जरूरत क्यों महसूस हुई?

जून के पहले हफ्ते में मंदिर के चढ़ावे (दान) को लेकर चोरी के कुछ आरोप लगे थे। मामला इतना गरमा गया था कि 13 जून को यूपी सरकार ने इसकी जांच के लिए एक स्पेशल टीम (SIT) भी बना दी थी, जिसे 15 दिन में रिपोर्ट देनी थी। इन्हीं विवादों को देखते हुए और मंदिर के कामकाज में पूरी पारदर्शिता (Transparency) लाने के लिए ट्रस्ट ने एक सख्त और अनुभवी CEO नियुक्त करने का बड़ा फैसला लिया।

राम मंदिर CEO को लेकर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

राम मंदिर के CEO पद के लिए कितने लोगों ने आवेदन किया था?

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस पद के लिए 5,300 से ज्यादा आवेदन मिले थे।

अब CEO पद की रेस में कितने उम्मीदवार हैं?

छंटनी के बाद 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चुना गया है।

राम मंदिर CEO का इंटरव्यू कहां होगा?

चुने गए उम्मीदवारों का इंटरव्यू राम मंदिर परिसर में होगा।

इंटरव्यू के बाद कितने उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट होंगे?

चयन समिति 3 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट कर उनके नाम ट्रस्ट के सामने विचार के लिए रखेगी।

राम मंदिर CEO बनने के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उम्र सीमा 50 से 70 साल तय की गई है।

CEO के लिए किस तरह के अनुभव को प्राथमिकता मिलेगी?

प्रशासन और मैनेजमेंट का मजबूत अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आई है।