Re-NEET 2026 में चौंकाने वाला खुलासा! हैदराबाद में वॉशरूम के फ्लश टैंक में फोन छिपाकर गूगल से नकल कर रहा 18 साल का छात्र रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी पर केस दर्ज।  

हैदराबाद: देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील मेडिकल प्रवेश परीक्षा यानी NEET-UG को लेकर जहां एक तरफ सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुरक्षा के चक्रव्यूह तैयार किए थे, वहीं दूसरी तरफ हैदराबाद के एक परीक्षा केंद्र से धोखाधड़ी की ऐसी हैरान करने वाली कहानी सामने आई है जिसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। Re-NEET 2026 परीक्षा के दौरान अचमपेट के रहने वाले 18 साल के एक छात्र को वॉशरूम के भीतर 'रंगे हाथों' नकल करते हुए हिरासत में लिया गया है। इस पूरी घटना की साजिश किसी थ्रिलर फिल्म की तरह रची गई थी।

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सुबह 7 बजे का वो 'सीक्रेट मिशन': कंपाउंड वॉल से एंट्री

हैदराबाद पुलिस की विस्तृत जांच के मुताबिक, आरोपी छात्र ने परीक्षा शुरू होने से कई घंटे पहले ही अपनी इस खौफनाक साजिश को अंजाम देना शुरू कर दिया था। रविवार सुबह करीब 7 बजे, जब परीक्षा केंद्र पर कोई नहीं था, छात्र आदिबतला पुलिस स्टेशन के इलाके में स्थित रागनगुडा के जिला परिषद हाई स्कूल पहुंच गया। स्कूल की कंपाउंड वॉल (दीवार) से सटे वॉशरूम के वेंटिलेटर का फायदा उठाकर वह किसी तरह खिड़की तक पहुंचने में कामयाब रहा। उसने बेहद शातिर तरीके से अपना मोबाइल फोन उस वेंटिलेटर के भीतर छिपा दिया ताकि वह सुरक्षा चेकिंग के दौरान पकड़ा न जा सके।

दो बार सघन तलाशी…और फ्लश टैंक का वो 'मास्टरप्लान'

पुलिस सुरक्षा टीमों ने पूरी सतर्कता बरतते हुए परीक्षा परिसर की दो बार-एक बार सुबह 6 बजे और दूसरी बार सुबह 11 बजे-कड़ी जांच की थी। प्रवेश द्वार पर हर एक उम्मीदवार की मेटल डिटेक्टर और सघन तलाशी ली जा रही थी। लेकिन असली ड्रामा सुबह 11 बजे हुआ, जब आरोपी छात्र परीक्षा केंद्र के अंदर दाखिल हुआ। वह सीधे रेस्टरूम की तरफ भागा और वेंटिलेटर से फोन निकालकर उसे एक ज़िप-लॉक कवर में पैक किया। इसके बाद उसने फोन को वॉशरूम के फ्लश टैंक के अंदर पानी में छिपा दिया। पुलिस ने माना कि शुरुआती जांच के दौरान फ्लश टैंक के अंदर छिपाया गया यह फोन उनकी नजरों से बच निकला था।

"सर, पेट में बहुत दर्द है..." और वॉशरूम का सस्पेंस

परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद, आरोपी ने अचानक अपने पेट में तेज दर्द होने का नाटक किया। उसने इनविजिलेटर (निरीक्षक) के सामने दर्द से तड़पने का स्वांग रचा और रेस्टरूम जाने की अनुमति मांगी। चूंकि वॉशरूम मुख्य स्कूल की इमारत से काफी दूरी पर था, इसलिए छात्र को वहां जाने की इजाजत दे दी गई। रणनीति के मुताबिक, छात्र वॉशरूम के अंदर गया, फ्लश टैंक से फोन निकाला और गूगल पर जाकर परीक्षा के सवालों के जवाब सर्च करने लगा।

जब काफी देर तक नहीं लौटा छात्र…तो खुला 'गूगल' का राज

जब छात्र को वॉशरूम गए काफी समय बीत गया और वह अपनी सीट पर वापस नहीं लौटा, तो इनविजिलेटर को कुछ गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। उन्होंने तुरंत स्थिति का पता लगाने के लिए स्कूल के कुछ अन्य कर्मचारियों को वॉशरूम भेजा। जैसे ही कर्मचारियों ने वॉशरूम का दरवाजा खटखटाया और अंदर देखा, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोपी छात्र उस वक्त रंगे हाथों मोबाइल स्क्रीन पर गूगल खोलकर सवालों के जवाब ढूंढ रहा था। इसके तुरंत बाद पुलिस को आपातकालीन सूचना दी गई, जिसने मौके पर पहुंचकर मोबाइल फोन को जब्त कर लिया और छात्र को हिरासत में ले लिया।

इंस्टाग्राम और गूगल का खेल: अब नए सख्त कानून के तहत नपेगा छात्र

पुलिस द्वारा मोबाइल की फोरेंसिक और विस्तृत जांच करने पर पता चला कि छात्र सवालों के जवाब खोजने के लिए केवल गूगल का इस्तेमाल कर रहा था। उसके डिवाइस पर इंस्टाग्राम के अलावा कोई अन्य पेपर लीक या टेलीग्राम जैसा संदिग्ध ऐप नहीं मिला। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। स्कूल प्रशासन की आधिकारिक शिकायत के बाद, हैदराबाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और देश के सबसे कड़े सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है, जिसमें आरोपी को भारी जुर्माने के साथ जेल की हवा खानी पड़ सकती है।

क्या Re-NEET की सुरक्षा पर फिर उठेंगे सवाल?

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब NTA लगातार दावा कर रही है कि Re-NEET 2026 पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित किया गया। देशभर में लाखों छात्रों ने कड़ी निगरानी के बीच परीक्षा दी, लेकिन हैदराबाद की यह घटना दिखाती है कि तकनीक के जरिए नकल करने की कोशिशें अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। स्कूल प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या छात्र अकेले काम कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय था। यही सवाल इस पूरे मामले को और अधिक रहस्यमय बना रहा है।

Re-NEET परीक्षा के लिए क्या सुरक्षा उपाय किए गए थे?

केंद्रीय गृह सचिव ने Re-NEET परीक्षा के लिए राज्यों की तैयारियों की समीक्षा की और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल पर जोर दिया। छात्रों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए रक्षा मंत्रालय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल थे। विशेष उपायों में भारतीय वायु सेना के माध्यम से NEET पेपर का ट्रांसपोर्टेशन और पेपर लीक को रोकने के लिए पेपर सेट करने वालों को अलग-थलग रखना शामिल था। इस व्यापक समीक्षा का उद्देश्य परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर चल रही चिंताओं के बीच परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू रूप से सुनिश्चित करना था।

NTA ने NEET पेपर लीक के फर्जी दावों से कैसे निपटा?

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उम्मीदवारों के लिए NEET UG 2026 से संबंधित किसी भी संदिग्ध दावे की रिपोर्ट करने के लिए एक समर्पित रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म शुरू किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा से पहले किसी भी व्यक्ति या संस्थान की प्रश्न पत्र तक पहुंच नहीं थी। NTA ने छात्रों की चिंता का फायदा उठाने वाले संगठित नकल रैकेट के खिलाफ भी चेतावनी दी और पुष्टि की कि लीक के सभी सोशल मीडिया दावे झूठे थे। इस पहल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखना था।

Re-NEET के दौरान नकल की कौन सी हालिया घटनाएं सामने आई हैं?

मोबाइल फोन के साथ पकड़े गए 18 साल के छात्र के अलावा, एक और घटना में एक उम्मीदवार शामिल था जिसे कथित तौर पर वीडियो कॉल पर NEET का प्रश्न पत्र दिखाया गया था। कॉलर ने लीक हुए पेपर के लिए 30,000 रुपये की मांग की, जिससे परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे। ये घटनाएं Re-NEET के दौरान नकल और परीक्षा की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को उजागर करती हैं। पुलिस ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे, वह फ़ोन को ज़िप-लॉक कवर में रखकर उसे फ़्लश टैंक में छिपाने के लिए रेस्टरूम में गया।