Sagar Liquor Tragedy : मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब को पीने से 24 लोगों की मौत हो गई। तो 100 से ज्यादा लोग बीमार हैं। यानि मौत का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। जिला प्रशासन ने 2 ठेकेदारों पर केस किया है, जो खुलेआम इस जहरीली शराब को बेंचते थे।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में ज़हरीली शराब ऐसा तांडव मचा रही है कि अब तक दो दर्जन यानि 24 लोगों को मौत की नींद सुला चुकी है। वहीं 100 से ज्यादा लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस जहर को पीने से किसी की आंखों की रोशनी चली गई है तो कोई कई दिनों से बेहोश पड़ा हुआ है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर वो ठेकेदार कौन हैं, जो शहर से लेकर गांव तक खुलेआम इस जहरीली शराब को बेंच रहे थे। अगर वह बेंच भी रहे थे तो पुलिस क्या कर रही थी। तो आइए जानते हैं इन लाशों के ढेर का कौन कौन जिम्मेदार है। हालांकि राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
शराब के यह दो ब्रांड बने जहर
प्रशासन की जांच के बाद सामने आया है कि सागर के जिले के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में यह जहरीली शराब बेची जा रही थी। जहां बंबइया व्हिस्की और सागर गोल्ड नाम के दो ब्रांड खुलेआम किराने की दुकान से लेकर चाय की गुमठी तक बेचे जा रहे थे। अब पुलिस ने तमाम आरोपों के बाद इन दोनों ब्रांड को लेकर दर्ज अलग-अलग एफआईआर में दो लाइसेंसी ठेकेदारों समेत 30 लोगों को आरोपी बनाया है।
कौन हैं जहरीली शराब बेंचने वाले यह दो ठेकेदार
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पहले बंडा थाने में लाइसेंसी ठेकेदार यशवंत सिंह ठाकुर के खिलाफ बंबइया व्हिस्की को लेकर एफआईआर की गई है। वहीं विनायका थाने में दूसरे लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा के खिलाफ सागर गोल्ड को लेकर मामला दर्ज किया गया है। यह दोनों ही ठेकेदार गांव-गांव में किराना दुकानों से लेकर ढाबों और लाइसेंसी ठेकों तक इस शराब को पुलिस की मिलीभगत से बेंचते थे। दोनों ही आरोपी दूसरी ब्रांड की अपेक्षा अपनी शराब को काफी कम पैसे में इसे बेंचते थे, जिसके कारण लोग खरीद रहे थे। बता दें कि प्रशासन ने इलाके की 7 शराब दुकानें सील कर दी हैं।
जहरीली शराब के लिए यह 3 लोग भी दोषी
- वहीं प्रदेश की सियासत में सागर की जहरीली शराब को लेकर संग्राम मचा हुआ है। विपक्षी नेताओं ने मृतकों के घर जाकर मोहन यादव सरकार पर जोरदार हमला बोला है। साथ ही कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने इस घटना के लिए आबकारी विभाग, पुलिस विभाग और बीजेपी नेताओं को ज़िम्मेदार ठहराया है। सिंह ने कहा- जिस व्यक्ति की दुकान से यह शराब आई, उसके साथ-साथ जिन अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब हुआ, उन पर हत्या का मुक़दमा दर्ज होना चाहिए।
- दिग्विजय सिंह का कहना है कि "आबकारी विभाग, पुलिस विभाग और बीजेपी नेता—तीनों ही दोषी हैं। बॉम्बे व्हिस्की और गोल्ड व्हिस्की यहां पहुंची। वे यहां कैसे आईं? वे किस डिस्टिलरी से आई थीं? आपका विभाग क्या कर रहा था? ठेकेदार कौन है? जिसकी दुकान से यह सब हुआ, उस पर और जिन अधिकारियों ने यह होने दिया, उन पर हत्या के अपराध में गिरफ्तारी होनी चाहिए।"


