Sagar Spurious Liquor Case : मध्य प्रदेश के सागर में ज़हरीली शराब से 24 लोगों की मौत हो गई। विपक्ष ने इस घटना के लिए सरकार और प्रशासन को ज़िम्मेदार ठहराया है। कमलनाथ ने तो इतना तक कह दिया कि प्रदेश में दवा से लेकर दारू तक सब कुछ जहरीला बिक रहा है।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में ज़हरीली शराब पीने से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कई हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस दर्दनाक घटना के बादा प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं, कांग्रेस ने इस मामले में सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक्स पर ट्वीट करते हुए मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा-प्रदेश में दवा से लेकर दारू तक सब कुछ जहरीला बिक रहा है।
‘शराब माफिया और सरकार का गुप्त गठबंधन’
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि जिन कथित ब्रांड की शराब पीने से इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हुई, उसके बारे में कुछ दिन पहले ही सवाल उठाए गए थे। सरकार ने अपनी जांच में इन ब्रांड को क्लीन चिट दे दी थी। ज़हरीली शराब को क्लीन चिट देना यह बताता है कि शराब माफिया और भाजपा सरकार के बीच गुप्त गठबंधन है। यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही से हत्या का मामला है।
MP में दवा से लेकर दारू तक सब जहरीला
कमलनाथ ने आगे लिखा- यह अत्यंत दुर्भाग्य की बात है कि एक ही तरह की दुर्घटनाएं प्रदेश में बार-बार दोहराई जा रही हैं। छिंदवाड़ा में जहरीला कफ़ सीरप पीने से 25 से अधिक बच्चों की मौत, इंदौर में ज़हरीला पानी पीने से 36 लोगों की मौत और अब सागर में जहरीली शराब से मौत का तांडव यही बताता है कि प्रदेश में दवा से लेकर दारू तक सब कुछ जहरीला बिक रहा है। वहीं आरोप है कि बालाघाट जिले में जून से लेकर अगस्त तक अलग-अलग गांव के 20 बच्चों की मौत हो गई। इसकी वजह गलत दवा और सही इलाज नहीं होना है। कुल मिलाकर विपक्ष ने इस घटना के लिए सरकार और प्रशासन को ज़िम्मेदार ठहराया है। हालांकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ साफ कहा है कि जो भी इसमें दोषी होगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा। आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
