Satya Niketan PG Building Collapse: दिल्ली के Satya Niketan में PG इमारत रविवार को सेकंडों में ढह गई। CCTV में एक व्यक्ति बाल-बाल बचता दिखा। कम से कम 6 की मौत और करीब 10 घायल हुए। NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस मलबा हटा रही हैं। PS South Campus में Hariram सहित अन्य के खिलाफ BNS के तहत FIR दर्ज हुई।
Delhi PG Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां छात्रावास के रूप में इस्तेमाल हो रही पांच मंजिला PG इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इमारत के गिरने का खौफनाक मंजर पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया। वीडियो में कुछ ही सेकंड के भीतर पूरी इमारत धूल के गुबार में तब्दील होती नजर आती है।
हादसे में कम से कम 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 10 घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि इमारत में ज्यादातर दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र रह रहे थे।
कुछ सेकंड में जमींदोज हुई पूरी इमारत
CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि रविवार दोपहर इमारत के आसपास अचानक हलचल बढ़ती है। लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगते हैं और देखते ही देखते बहुमंजिला ढांचा नीचे गिर जाता है। इमारत के गिरते ही आसपास धूल और मलबे का घना गुबार छा जाता है। फुटेज में एक व्यक्ति भी दिखाई देता है, जो आखिरी क्षण में तेजी से भागकर गिरते मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचता नजर आता है।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी टीमें
हादसे के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस समेत कई एजेंसियों की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और भारी मलबे को हटाकर लोगों की तलाश शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल भेजा गया। मलबे में किसी और व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान बेहद सावधानी के साथ चलाया गया।
मरम्मत के दौरान हादसा, जांच के घेरे में निर्माण कार्य
हादसे के बाद इमारत में चल रहे मरम्मत और नवीनीकरण कार्य पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया गया है कि घटना के समय इमारत के तहखाने में मरम्मत का काम चल रहा था, जबकि अधिकारियों ने ग्राउंड फ्लोर पर भी नवीनीकरण कार्य होने की बात कही है।
हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह अभी जांच का विषय है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि निर्माण या मरम्मत के दौरान किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं और क्या इससे इमारत की संरचना प्रभावित हुई।
पुलिस ने दर्ज की FIR
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने साउथ कैंपस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत FIR दर्ज की है। FIR में कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित की हैं। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित लोगों का पता लगाने और हादसे के पीछे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों और संभावित जिम्मेदारी की पड़ताल की जा रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह भी होगा कि इमारत में चल रहे निर्माण या नवीनीकरण कार्य के लिए जरूरी नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
छात्रों ने उठाए PG की सुरक्षा पर सवाल
हादसे के बाद दिल्ली में छात्रों के लिए संचालित PG और हॉस्टल इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी के घनी आबादी वाले इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र निजी PG और हॉस्टल में रहते हैं। घटना के विरोध में ABVP से जुड़े करीब 200 छात्रों ने दिल्ली सिविक सेंटर पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने MCD आयुक्त के इस्तीफे की मांग की और छात्रों के लिए संचालित PG सुविधाओं में सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ी चिंता
सत्य निकेतन की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में चल रही PG और हॉस्टल इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा, निर्माण अनुमति और मरम्मत कार्यों की निगरानी कितनी प्रभावी है।
फिलहाल जांच एजेंसियां हादसे की वजह तलाश रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इमारत किन परिस्थितियों में ढही और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
