शाहजहांपुर में पुलिस रेड के दौरान 65 वर्षीय सर्राफा कारोबारी की मौत हो गई। परिवार के आरोपों के बाद 6 पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पुलिस की एक रेड ने बवाल खड़ा कर दिया है। यहां 65 साल के एक सर्राफा कारोबारी की मौत के बाद छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। कारोबारी का शव पड़ोस के एक निर्माणाधीन मकान में मिला।
मृतक की पहचान उमेश गुप्ता के तौर पर हुई है, जो निगोही इलाके की गांधी नगर कॉलोनी में रहते थे। उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि रेड के दौरान पुलिसवाले उन्हें छत पर ले गए और वहां से नीचे फेंक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि इन आरोपों की जांच की जा रही है।
तड़के 3 बजे घर पहुंची थी पुलिस टीम
एडिशनल एसपी (सिटी) देवेंद्र कुमार के मुताबिक, लखनऊ के मलिहाबाद थाने की एक टीम 2025 में दर्ज चोरी के एक मामले में कोर्ट का वॉरंट लेकर शाहजहांपुर आई थी।बुधवार तड़के करीब 3 बजे, लखनऊ की टीम ने स्थानीय निगोही थाने की पुलिस के साथ मिलकर गुप्ता के घर पर छापा मारा। पुलिस ने बताया कि टीम जब घर में घुसी तो गुप्ता वहां नहीं मिले। फिर सुबह करीब 7 बजे, उनका शव पड़ोस की एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में पाया गया। अब गुप्ता उस पड़ोसी घर तक कैसे पहुंचे और उन्हें जानलेवा चोटें कैसे लगीं, यही जांच का सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
पत्नी का आरोप- पुलिस ने छत से फेंका
गुप्ता की पत्नी शांति देवी ने मलिहाबाद थाने के चार और निगोही थाने के दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसवालों ने उनके पति को छत पर ले जाकर नीचे फेंक दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पुलिसवाले पहले भी गुप्ता से पैसे वसूल चुके थे और जब उन्होंने इसकी शिकायत बड़े अधिकारियों से की तो वे दुश्मनी रखने लगे थे। शांति देवी ने यह भी दावा किया कि इस घटना के दौरान घर में रखे जेवर भी लूट लिए गए। उनकी शिकायत के आधार पर बुधवार शाम निगोही थाने में सभी छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पुलिस ने बताई 30 किलो चांदी की चोरी की कहानी
मलिहाबाद के एसएचओ सुरेंद्र भाटी ने बताया कि पिछले साल उनके थाना इलाके में चोरी का एक मामला दर्ज हुआ था। उनके मुताबिक, उस मामले में गिरफ्तार हुए लोगों ने पूछताछ में बताया था कि उन्होंने करीब 30 किलो चांदी शाहजहांपुर में गुप्ता को बेची थी। पुलिस ने इसके बाद 8 मई को गुप्ता के खिलाफ कोर्ट से वॉरंट हासिल किया और उनके घर पर यह रेड की गई। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान गुप्ता की मौत ने परिवार वालों और स्थानीय व्यापारियों में गुस्सा भर दिया है। वे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
गुप्ता के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उम्मीद है कि रिपोर्ट से मौत की वजह और हालात के बारे में अहम सुराग मिलेंगे। फिलहाल, छह पुलिसवाले हत्या के मामले का सामना कर रहे हैं। जांचकर्ताओं को अब यह पता लगाना है कि तड़के हुई उस रेड के दौरान आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक 65 साल के कारोबारी का शव पड़ोस के कंस्ट्रक्शन साइट पर मिला। गुप्ता के परिवार के आरोप जांच का विषय हैं और घटनाओं का सही क्रम सबूतों के आधार पर ही तय होगा।
(एजेंसियों से मिले इनपुट के साथ)
