कभी मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में लाइटमैन का काम करने वाले शम्सुद्दीन मिद्या आज करोड़ों के कारोबारी हैं। आखिर कैसे बदली किस्मत कि नौवीं में पास होने पर बेटे को 2.30 करोड़ की BMW गिफ्ट कर दी?

कोलकाता. परीक्षा में अच्छे नंबर आने पर बच्चों को मिठाई, मोबाइल या साइकिल मिलने की खबरें तो आपने खूब सुनी होंगी, लेकिन पश्चिम बंगाल में एक पिता ने अपने बेटे को ऐसा तोहफा दिया, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। नौवीं की हाफ ईयरली परीक्षा में अच्छे नंबर लाने पर पिता ने बेटे को 2.30 करोड़ रुपये की BMW कार गिफ्ट कर दी। दिलचस्प बात यह है कि बेटे ने अभी नौवीं की फाइनल परीक्षा भी नहीं दी है। इस कहानी का एक और पहलू हैरान करने वाला है। करोड़ों की कार देने वाले पिता कभी मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में लाइटमैन का काम किया करते थे।

नौवीं में अच्छे नंबर आए तो मिली करोड़ों की कार

  • यह मामला पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान जिले के गलसी इलाके का है। यहां रहने वाले कारोबारी शम्सुद्दीन मिद्या के बेटे मोहम्मद तलहा स्थानीय स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र है। हाल ही में उसने हाफ ईयरली परीक्षा दी थी। परीक्षा में अच्छे नंबर आने के बाद तलहा ने अपने पिता से BMW कार की मांग कर दी।
  • पिता शम्सुद्दीन ने भी बेटे की इच्छा पूरी करने में देर नहीं लगाई। उन्होंने उसे करीब 2.30 करोड़ रुपये कीमत की BMW कार गिफ्ट कर दी। एक सामान्य परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन के बदले इतना महंगा उपहार मिलने से आसपास के लोग भी हैरान हैं।

नाबालिग बेटे को मिली कार, लेकिन नहीं चला सकता

  • तलहा को भले ही करोड़ों की कार मिल गई हो, लेकिन वह अभी इसे खुद नहीं चला सकता। इसकी वजह उसकी उम्र है। भारतीय कानून के मुताबिक निजी कार चलाने के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी है और सामान्य तौर पर इसकी न्यूनतम उम्र 18 साल है।
  • इसलिए फिलहाल यह कार उसके लिए एक महंगा तोहफा जरूर है, लेकिन वह इसे सड़क पर खुद चलाने का कानूनी अधिकार नहीं रखता।

कभी मुंबई में करते थे लाइटमैन का काम

  • इस कहानी में सबसे दिलचस्प पहलू शम्सुद्दीन मिद्या की जिंदगी का सफर है। रिपोर्ट के मुताबिक, शम्सुद्दीन ने अपने करियर की शुरुआत मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में लाइटमैन के तौर पर की थी। उस समय शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन वह करोड़ों की गाड़ियों के मालिक बन जाएंगे।
  • कुछ साल बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर चावल का कारोबार शुरू किया। मेहनत और कारोबार में मिली सफलता के दम पर उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की। आज उनके घर में करोड़ों रुपये की कीमत वाली कई गाड़ियां मौजूद हैं।

बेटे के गिफ्ट की पूरे इलाके में चर्चा

  • शम्सुद्दीन का अपने बेटे को इतना महंगा गिफ्ट देना अब चर्चा का विषय बन गया है। कोई इसे पिता का बेटे के प्रति प्यार बता रहा है तो कोई इतनी छोटी उम्र में करोड़ों की कार देने को लेकर सवाल उठा रहा है।
  • हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बच्चों की सफलता का जश्न मनाने के लिए महंगे तोहफे देना कितना सही है? फिलहाल नौवीं के छात्र तलहा को मिली 2.30 करोड़ की BMW और उसके पिता का लाइटमैन से करोड़पति कारोबारी बनने का सफर लोगों के बीच चर्चा में है।

कौन हैं शम्सुद्दीन मिद्या?

पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान जिले के गलसी इलाके के पराज गांव के रहने वाले शम्सुद्दीन मिद्या पेशे से चावल कारोबारी हैं। उनकी सफलता की कहानी काफी दिलचस्प है। साल 2003 में वह काम की तलाश में मुंबई पहुंचे थे, जहां फिल्म इंडस्ट्री में लाइटमैन के तौर पर काम करते थे। करीब सात साल तक संघर्ष करने के बाद 2010 में गांव लौटे और चावल का कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने तीन राइस मिल स्थापित कीं और अब वियतनाम, मलेशिया, सिंगापुर और दुबई जैसे देशों में चावल का निर्यात करते हैं। उनके पास रेंज रोवर, वोल्वो और थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी हैं।