Shivamogga Dasara Elephant: कर्नाटक के शिवमोगा में दशहरा जुलूस के दौरान एक हाथी अचानक भड़क गया। भीड़ को देखकर घबराए इस हाथी ने कई गाड़ियां तोड़ दीं और करीब एक घंटे तक दहशत फैलाई। बाद में उसे ट्रेंकुलाइज करके काबू में किया गया।
Elephant Goes on Rampage: कर्नाटक में दशहरा के जश्न के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। सोमन्ना नाम का हाथी शिवमोगा में चामुंडेश्वरी देवी की मूर्ति ले जाते समय अचानक भड़क गया। इस हाथी ने करीब एक घंटे तक जमकर आतंक मचाया। पशु चिकित्सकों ने बाद में उसे ट्रेंकुलाइज (बेहोश करने वाला इंजेक्शन) करके काबू में किया। हाथी ने इस दौरान दो कारों को नुकसान पहुंचाया और महावत भी घायल हो गया।
सोमन्ना जुलूस की शुरुआत में बिल्कुल शांत था। वह कोटे रोड स्थित जैन भवन तक अपनी पीठ पर अंबारी (हौदा) लेकर आराम से चल रहा था। 'सागर' और 'बहादुर' नाम के हाथी उसके आगे-पीछे चल रहे थे। वन विभाग और पुलिस ने रस्सियां बांधकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
चश्मदीदों का कहना है कि हाथियों की जगह बदलने की वजह से यह पूरी गड़बड़ी हुई। वन विभाग ने आगे चल रहे सागर को पीछे कर दिया और अंबारी ले जा रहे सोमन्ना को सबसे आगे कर दिया।
सोमन्ना सबसे आगे आते ही भीड़ देखकर घबरा गया और तय रास्ते से भटक कर भागने लगा। वह पतली गलियों में घुसने के बाद और ज्यादा आक्रामक हो गया। उसने अपनी पीठ से अंबारी गिराने की कोशिश की और रास्ते में खड़ी कारों में तोड़फोड़ की।
पशु चिकित्सकों ने हालात बिगड़ते देख तुरंत हाथी को ट्रेंकुलाइज किया। कर्मचारियों ने इसके बाद बहादुर हाथी की मदद से सोमन्ना को काबू में किया। महावत और बाकी कर्मचारियों ने फौरन मूर्ति और अंबारी को सुरक्षित नीचे उतारा। अधिकारियों ने फिर हाथी को जंजीरों से बांधकर जिला केंद्र के टेंट में भेज दिया। हाथी थोड़ी देर बाद पूरी तरह शांत हो गया। महावत को उसे काबू करने की कोशिश में चोटें आई हैं। डिप्टी कमिश्नर ने कहा है कि इस पूरे मामले की जांच की जाएगी।







