सिंगापुर में एक व्यक्ति ने AI से बनी मगरमच्छ की फर्जी फोटो भेजी। इससे दहशत फैली और प्रशासन को वाटर स्पोर्ट्स रोकने पड़े। पुलिस जांच में खबर झूठी निकलने पर अब उसे 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से मगरमच्छ की एक फर्जी फोटो बनाकर अपने साथी को भेजना सिंगापुर में एक शख्स को भारी पड़ गया है। एक छोटे से मजाक के तौर पर शुरू हुआ ये मामला बाद में इतनी बड़ी खबर बन गया कि इलाके में वाटर स्पोर्ट्स तक रोकने पड़ गए और प्रशासन को सघन तलाशी अभियान चलाना पड़ा। अब इस युवक को फर्जी खबर फैलाने समेत कई गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।

एक AI फोटो ने कैसे बढ़ा दी मुसीबत!

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 20 अगस्त को इंडोनेशियाई नागरिक ये लिन ने AI का इस्तेमाल करके एक फोटो बनाई। इस फोटो में ऐसा लग रहा था जैसे सिंगापुर के पांडन रिजर्वायर (Pandan Reservoir) में कोई मगरमच्छ तैर रहा हो। लिन ने ये फोटो अपने एक सहकर्मी को भेज दी। फोटो मिलते ही सिंगापुर की राष्ट्रीय जल एजेंसी पब (PUB - Public Utilities Board) को पांडन रिजर्वायर में मगरमच्छ होने की सूचना मिल गई। इसके बाद सब कुछ बहुत तेजी से हुआ। रिजर्वायर इलाके में मगरमच्छ को खोजने और पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिंगापुर रोइंग एसोसिएशन और सिंगापुर कैनो फेडरेशन ने रिजर्वायर में होने वाली सभी पानी की गतिविधियों और खेलों पर तुरंत रोक लगा दी। पूरे एक दिन की कड़ी तलाशी के बाद 21 अगस्त को पब (PUB) ने साफ किया कि ये फोटो पूरी तरह से फर्जी है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि दोस्त को फोटो भेजने के बाद लिन ने अपने मोबाइल से AI से बनी वो तस्वीरें डिलीट कर दी थीं और जेमिनी (Gemini) ऐप की लॉग हिस्ट्री भी मिटा दी थी। इस फर्जी खबर को लेकर पब के अधिकारियों ने ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

हो सकती है 7 साल तक की जेल

पुलिस ने साफ कहा है कि समाज में इस तरह की गलत जानकारी फैलने से लोगों में डर और परेशानी बढ़ती है। साथ ही, ऐसे फर्जी मैसेजेस से निपटने में सरकारी संसाधनों की भी बर्बादी होती है। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद, रिपोर्ट्स के मुताबिक लिन ने कोर्ट में फर्जी मैसेज फैलाने और न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने का अपना जुर्म कबूल कर लिया है। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई नवंबर तक के लिए टाल दी है। अगर लिन दोषी साबित होता है, तो उसे एक अपराध के लिए अधिकतम तीन साल की जेल और लगभग 7.4 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। वहीं, न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप साबित होने पर उसे अधिकतम सात साल तक की जेल की सजा काटनी पड़ सकती है।