Sonam Wangchuk Hunger Strike: दिल्ली के अस्पताल से सोनम वांगचुक ने बड़ा ऐलान किया है। आज अपना अनशन खत्म कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए सरकार को 3 शर्तें रखनी पड़ेंगी।
Sonam Wangchuk Hunger Strike Updates: दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को अपने अस्पताल के बिस्तर से एक बड़ा संदेश जारी किया है। लगभग 22 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक ने कहा है कि वह आज ही अपना अनशन खत्म करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्होंने सरकार और नेताओं के सामने 3 बड़ी शर्तें रख दी हैं। यह ऐलान ऐसे समय पर आया है जब आज, सोमवार से ही संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली में 'चलो संसद' मार्च का ऐलान कर रखा है। आइए जानते हैं कि आखिर सोनम वांगचुक की वो 3 शर्तें क्या हैं...
सोनम वांगचुक की वो 3 शर्तें क्या हैं?
1. सरकार जिम्मेदारी ले
59 साल के सोनम वांगचुक ने अपने सोशल मीडिया (X) अकाउंट पर एक नोट शेयर करते हुए लिखा कि अगर इन तीन में से कोई भी एक परिस्थिति बनती है, तो वह आज ही अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे। उनकी पहली शर्त है कि केंद्र सरकार देश के एजुकेशन सिस्टम में हुई हालिया गड़बड़ियों और खासकर NEET जैसी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले की पूरी जिम्मेदारी (Accountability) ले।
2. संसद जाने की मिले इजाजत
वांगचुक की दूसरी शर्त है कि, अगर सरकार जिम्मेदारी नहीं लेती है, तो उन्हें और उनकी पार्टी (CJP) के नेताओं को संसद के दरवाजे तक जाने दिया जाए, ताकि वे वहां मौजूद सांसदों और विभिन्न पार्टियों के नेताओं के सामने अपनी मांगें सीधे रख सकें और नेता उन्हें भरोसा दिलाएं कि यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा।
3. नेता खुद अस्पताल आएं
अगर उनकी तबीयत या कोई दूसरा कारण उन्हें अस्पताल से बाहर जाने की इजाजत नहीं देता, तो सभी पार्टियों के माननीय सांसद और बड़े नेता खुद सफदरजंग अस्पताल आकर उन्हें भरोसा दिलाएं कि वे संसद में छात्रों के हक की आवाज उठाएंगे।
अस्पताल से लगाया 'अवैध हिरासत' का आरोप
सोनम वांगचुक को शनिवार, 18 जुलाई को उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस ने जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। वांगचुक ने अपने लेटर में इस बात पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने लिखा, 'सफदरजंग अस्पताल की इस अवैध हिरासत (Illegal Detention) से, जहाँ मेरे घूमने-फिरने, बोलने और बातचीत करने के हर माध्यम पर रोक लगा दी गई है।'
दिल्ली में कड़ा पहरा, मार्च की इजाजत नहीं
संसद सत्र और CJP के 'चलो संसद' मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है। जंतर-मंतर, संसद भवन और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। नई दिल्ली इलाके में धारा 163 (BNSS) लागू कर दी गई है, जिसके तहत भीड़ जुटने पर रोक है। दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन शर्मा ने साफ किया है कि इस मार्च या प्रदर्शन के लिए पुलिस से कोई इजाजत नहीं मांगी गई थी और न ही ऐसी किसी रैली की कोई अनुमति दी गई है। इससे पहले रविवार को वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने भी समर्थकों से इस मार्च को सफल बनाने की अपील की थी।


