Saboot Sachchuk Latest News : एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल के 25वें दिन बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा वह अपना अनशन खत्म करने को तैयार हैं। लेकिन इसके लिए उन्होंने सरकार के सामने एक नई शर्त रखी है।
गुरुग्राम (हरियाणा): एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने बुधवार को अपना अनशन खत्म करने के लिए केंद्र सरकार के सामने एक बड़ी शर्त रख दी है। उन्होंने मांग की है कि सरकार यह भरोसा दे कि कॉकरोच जनता पार्टी के 'संसद चलो' मार्च में शामिल हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ "किसी भी तरह की बदले की या दंडात्मक कानूनी कार्रवाई" नहीं की जाएगी।
सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन का आज 25वां दिन है। उन्होंने यह अनशन NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ शुरू किया था।
सोनम वांगचुक ने X पर बताईं अपनी शर्तें
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक बयान में सोनम वांगचुक ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने इस आंदोलन में हिस्सा लेकर कोई अपराध नहीं किया है। उन्होंने लिखा, "इसलिए, मैं सरकार से साफ-साफ भरोसा चाहता हूं कि इस आंदोलन में हिस्सा लेने वाले किसी भी युवा प्रदर्शनकारी पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। उनका 'गुनाह' सिर्फ इतना है कि उन्होंने एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा प्रणाली के लिए अपनी आवाज उठाई।"
- उन्होंने आगे कहा, "अगर ऐसा भरोसा दिया जाता है, तो मैं इस विश्वास के साथ अपना अनशन खत्म कर दूंगा कि सरकार ने न केवल मेरी अपील, बल्कि लाखों युवा भारतीयों की उम्मीदों को भी सुना है। ऐसा भरोसा न मिलने पर, मुझे अनिश्चित काल तक अपना अनशन जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। मुझे यह भी उम्मीद है कि आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस बल का और इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।"
सोनम वांगचुक ने मोदी सरकार क्यों कहा धन्यवाद
- वांगचुक ने बीती रात अस्पताल में उनसे मिलने आए प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि केंद्र ने उन्हें NEET-UG पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
- उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्रियों ने "जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा का भी आश्वासन दिया है, जिसमें माननीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार भी शामिल है।"
65 सांसदों ने वांगचुक से हड़ताल खत्म करने की मांग
- वांगचुक ने बताया कि लगभग 65 सांसदों ने उनसे संपर्क कर भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है।
- उन्होंने यह भी कहा कि 20 जुलाई को हुआ 'चलो संसद मार्च' "पुलिस की ज्यादतियों और ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग के बावजूद बहुत शांतिपूर्ण रहा... मुझे पूरी उम्मीद है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में इस विश्वास को किसी भी कानूनी मामले, उत्पीड़न या बदले की कार्रवाई से और कमजोर नहीं किया जाएगा।"
सीजेपी पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की हैं 10 FIR
- बता दें कि दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में 10 FIR दर्ज की हैं।
- इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाने वाली तीन जनहित याचिकाओं पर केंद्र और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने अधिकारियों को घटना से संबंधित CCTV फुटेज और अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।
- वहीं, मेदांता अस्पताल ने एक बयान में कहा है कि वांगचुक का "इलाज डॉक्टरों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम कर रही है। फिलहाल, उनकी हालत स्थिर है, वे होश में हैं और उनके वाइटल साइन्स सामान्य दायरे में हैं। उनका जो भी इलाज हो रहा है, वह उनकी पूरी सहमति से किया जा रहा है।"


