स्विट्जरलैंड में वैज्ञानिकों ने मिट्टी की सेहत जांचने के लिए एक अनोखा प्रयोग किया। 'प्रूफ बाय अंडरपैंट्स' नामक इस रिसर्च में 1000 से ज़्यादा अंडरवियर ज़मीन में गाड़े गए। उनके गलने की स्थिति से मिट्टी की घटती जैविक गतिविधि और गुणवत्ता का पता चला।
स्विट्जरलैंड: स्विट्जरलैंड में वैज्ञानिकों की एक टीम ने एक रिसर्च के दौरान एक बड़ा ही अनोखा फैसला लिया। उन्होंने ऐलान किया कि रिसर्च के लिए कम से कम 1000 अंडरवियर ज़मीन में गाड़ना ज़रूरी है। इसके लिए उन्होंने आम लोगों से मदद मांगी। करीब 1000 लोगों ने अपने अंडरवियर ज़मीन में गाड़ भी दिए। वैज्ञानिकों ने उन्हें दो महीने बाद इन अंडरवियर को निकालने और उनकी तस्वीरें भेजने को कहा। जब तस्वीरें और सैंपल वैज्ञानिकों तक पहुंचे, तो उन्होंने स्टडी के बाद एक अहम रिपोर्ट जारी की।
क्या है ये अंडरवियर वाली रिसर्च?
यह अनोखा प्रयोग स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिकों की एक टीम ने किया है। इस एक्सपेरिमेंट का मुख्य मकसद मिट्टी की सेहत (Soil Health) की जांच करना था। इसका एक और उद्देश्य लोगों को यह समझाना भी था कि हमारी ज़मीन और पर्यावरण पर किस तरह का खतरा मंडरा रहा है।
ज्यूरिख यूनिवर्सिटी (University of Zurich) और स्विट्जरलैंड के कृषि रिसर्च सेंटर 'एग्रोस्कोप' (Agroscope) के रिसर्चर्स ने इस प्रोजेक्ट को 'प्रूफ बाय अंडरपैंट्स' (Proof by Underpants) नाम दिया। इस प्रोजेक्ट से कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं।
इस रिसर्च के लिए स्विट्जरलैंड में 1000 अलग-अलग जगहों पर 2000 से ज़्यादा अंडरवियर और 12,000 टी-बैग्स ज़मीन में गाड़े गए। दो महीने बाद, लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और उनकी फोटो के साथ मिट्टी के सैंपल वैज्ञानिकों को भेज दिए।
वैज्ञानिकों ने जब इन सैंपल्स की जांच की तो पाया कि कुछ जगहों पर अंडरवियर लगभग पूरी तरह गल चुके थे, जबकि कुछ जगहों पर वे वैसे के वैसे ही थे। यह इस बात का सीधा संकेत था कि मिट्टी के अंदर जैविक गतिविधियां कितनी हो रही हैं। जिन जगहों पर मिट्टी के जीव-जंतु ज़्यादा एक्टिव थे, वहां उन्होंने कॉटन को तेज़ी से गला दिया था। इस प्रयोग से यह भी साफ हुआ कि प्लास्टिक और कपड़ों जैसे कचरे के कारण मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम हो रही है, जिसका सीधा असर खेती और फसलों पर पड़ रहा है।
धीरे-धीरे जान खो रही है मिट्टी
इस रिसर्च का निष्कर्ष चिंताजनक है। हमारी मिट्टी धीरे-धीरे अपनी जान खो रही है और उसकी क्वालिटी लगातार गिर रही है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर यही हाल रहा तो एक दिन मिट्टी पूरी तरह से बेजान हो जाएगी। इससे धरती पर मौजूद हर चीज़ के खत्म होने का खतरा पैदा हो सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह एक धीमी प्रक्रिया है, लेकिन इसका असर बहुत खतरनाक होगा।
