Vijay Modi letter: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की है कि लोकसभा की सीटें 543 पर ही फिक्स कर दी जाएं। उन्होंने राज्यों के हिसाब से सीटों का मौजूदा बंटवारा बनाए रखने और आने वाले चुनावों में 33% महिला आरक्षण लागू करने की भी मांग की है।
Tamil Nadu CM Vijay: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोकसभा सीटों के प्रस्तावित परिसीमन को लेकर संविधान में जरूरी संशोधन करने की मांग की है। उन्होंने लोकसभा की कुल सदस्य संख्या को स्थायी रूप से 543 करने और राज्यों के बीच मौजूदा सीट वितरण को बरकरार रखने की मांग उठाई है।
Lok Sabha Delimitation: दक्षिणी राज्यों की सीटों पर चिंता
विजय ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में तमिलनाडु विधानसभा की ओर से बुधवार को पारित प्रस्ताव का हवाला दिया। विधानसभा ने आशंका जताई है कि आगामी जनगणना के बाद परिसीमन होने पर दक्षिणी राज्यों की लोकसभा सीटों की संख्या कम हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा के प्रस्ताव की एक प्रति भी प्रधानमंत्री को भेजी और इस संबंध में जरूरी संवैधानिक संशोधन करने का अनुरोध किया।
543 लोकसभा सीटें स्थायी करने की मांग
तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव में कहा गया है कि लोकसभा में सदस्यों की कुल संख्या 543 पर स्थायी रूप से तय की जानी चाहिए। साथ ही प्रत्येक राज्य को वर्तमान में मिली लोकसभा सीटों की संख्या को भी बरकरार रखने की मांग की गई है।
विजय का कहना है कि मौजूदा सीट वितरण में बदलाव से उन राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया है।
1967 का उदाहरण देकर जताई चिंता
तमिलनाडु विधानसभा ने अपने प्रस्ताव में 1967 के परिसीमन का भी जिक्र किया। उस समय राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या 41 से घटकर 39 हो गई थी।
विधानसभा का तर्क है कि अगर 1971 के बाद की जनसंख्या के आधार पर परिसीमन किया गया और राज्यों के बीच मौजूदा सीट वितरण बदलता है, तो दक्षिणी राज्यों के साथ स्थायी राजनीतिक असमानता पैदा हो सकती है।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण के साथ-साथ अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है।
Women Reservation: महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की मांग
मुख्यमंत्री विजय ने सिर्फ लोकसभा सीटों के वितरण की बात नहीं उठाई है। उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू करने की मांग भी की है।
इस तरह केंद्र के सामने तमिलनाडु की ओर से तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं—
- लोकसभा की कुल सदस्य संख्या 543 पर स्थायी की जाए।
- राज्यों के बीच लोकसभा सीटों का मौजूदा वितरण बरकरार रखा जाए।
- आगामी लोकसभा और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाए।
Delimitation को लेकर बढ़ रही राजनीतिक बहस
लोकसभा परिसीमन को लेकर देश में राजनीतिक बहस लगातार तेज हो रही है। खासकर दक्षिणी राज्यों को आशंका है कि जनसंख्या के आधार पर सीटों के नए निर्धारण से उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व में नुकसान हो सकता है।
तमिलनाडु विधानसभा का प्रस्ताव और मुख्यमंत्री विजय की प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी इसी व्यापक बहस का हिस्सा है। अब नजर केंद्र सरकार के रुख पर है कि वह इन मांगों पर क्या कदम उठाती है।
