Tamil Nadu Government Formation: तमिलनाडु में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद भी थलपति विजय के मुख्यमंत्री बनने पर सस्पेंस गहरा गया है। बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से विजय की पार्टी TVK अभी 6 कदम दूर है, जिसके चलते राज्यपाल ने उन्हें फिलहाल शपथ दिलाने से इनकार कर दिया है। इस बीच विजय को रोकने दो धुर-विरोधी पार्टियों के साथ आने की भी चर्चा तेज है।
Vijay TVK Government Formation Crisis: तमिलनाडु की राजनीति में पर्दे के पीछे कुछ ऐसी खिचड़ी पक रही है, जिसने सुपरस्टार से नेता बने थलापति विजय की टेंशन बढ़ा दी है। खबर है कि विजय की पार्टी TVK को सत्ता से दूर रखने के लिए राज्य के दो सबसे बड़े राजनीतिक दुश्मन DMK और AIADMK एक साथ आ सकते हैं। आइए जानते हैं राज्य में चल रहे इस 'सियासी ड्रामे' की पूरी कहानी और ताजा अपडेट्स क्या हैं...
थलापति विजय के पास नंबर कम, राज्यपाल ने रखी एक शर्त
सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद भी विजय के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी अभी दिल्ली दूर जैसी है। गुरुवार को विजय लगातार दूसरे दिन राज्यपाल से मिलने पहुंचे, लेकिन बात हाथ मिला लेने भर से नहीं बनी। दरअसल, तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायक चाहिए। विजय की पार्टी TVK के पास अभी 107 विधायक हैं, विजय खुद दो सीट जीते थे, इसलिए एक सीट छोड़ने के बाद आंकड़ा यहां तक पहुंचता है। कांग्रेस के 5 विधायकों ने उन्हें साथ दिया है, यानी कुल स्कोर 112 तक पहुंचा है। मैजिक फिगर (118) तक पहुंचने के लिए अभी भी 6 विधायक कम पड़ रहे हैं। राज्यपाल ने साफ कह दिया है कि 'जब तक 118 का लेटर नहीं दिखाओगे, शपथ नहीं होगी।' विजय ने इसके लिए थोड़ा समय मांगा है, लेकिन यही समय उनके विरोधियों के लिए मौका बन गया है।
तमिलनाडु में क्या दुश्मन बन जाएंगे दोस्त?
सोशल मीडिया और मीडिया गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा DMK और AIADMK की 'सीक्रेट डील' की है। कहा जा रहा है कि विजय को रोकने के लिए दोनों पार्टियां बैकचैनल यानी चोरी-छिपे बातचीत कर रही हैं। चर्चा है कि AIADMK सरकार बनाएगी और DMK उसे बाहर से समर्थन देगी। अगर ऐसा होता है, तो यह तमिलनाडु के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर होगा।
AIADMK के विधायक पुडुचेरी के रिसॉर्ट में 'कैद'
जैसे ही राज्य में दो धुर-विरोधी दलों के गठबंधन की सुगबुगाहट बढ़ी, 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' की एंट्री हो गई। AIADMK के 28 विधायकों को आनन-फानन में पुडुचेरी के एक प्राइवेट रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसे में किसी बड़े खेल की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
चेन्नई में मुलाकातों का दौर
सिर्फ विजय ही नहीं, बल्कि बाकी दल भी एक्टिव हैं। चेन्नई में CPI, CPM और VCK के नेताओं ने बड़ी मीटिंग की है। VCK नेता थोल तिरुमावलवन अचानक एमके स्टालिन के घर भी पहुंचे हैं। ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं।


