Tata Sierra Crash Test: उत्तराखंड में एक चलती टाटा सिएरा पर भारी-भरकम कंटेनर गिर गया, लेकिन कार की मजबूत बिल्ड क्वालिटी ने अंदर बैठे लोगों की जान बचा ली। इस हादसे ने एक बार फिर टाटा की 5-स्टार सेफ्टी और 'देश का लोहा' वाली बात को सच साबित कर दिया है।

Tata Sierra Container Truck Accident: उत्तराखंड के एक बड़े हाईवे पर शनिवार को एक खौफनाक हादसा देखने को मिला। एक सफेद रंग की चलती 'टाटा सिएरा' (Tata Sierra) एसयूवी पर अचानक एक भारी-भरकम मालवाहक कंटेनर (Freight Container) गिर गया। लेकिन हैरानी की बात ये रही कि कार के पिलर्स और बॉडी स्ट्रक्चर ने कंटेनर का पूरा वजन झेल लिया। कार के अंदर बैठे लोग बिना किसी खरोंच के चमत्कारिक रूप से बच गए।

सोशल मीडिया पर इस एक्सीडेंट की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं। लोग टाटा की कारों की सेफ्टी और 'देश का लोहा' (Desh Ka Loha) वाली बिल्ड क्वालिटी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

कैसे हुआ ये हादसा?

सामान से लदा एक भारी मेटल कंटेनर अचानक ट्रेलर ट्रक से फिसल गया और सीधे बगल से गुजर रही टाटा सिएरा पर आ गिरा। कंटेनर के भारी वजन और गिरने की रफ्तार से कार की छत (Structural compression) थोड़ी पिचक गई और सारे शीशे चटक गए। लेकिन कार के मेन साइड पिलर्स मजबूती से खड़े रहे और उन्होंने कंटेनर का पूरा वजन रोक लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि खुद भारी-भरकम मेटल कंटेनर भी बुरी तरह पिचक गया। हादसा बेहद भयानक था, लेकिन कार का केबिन अंदर से बिल्कुल नहीं दबा। इसी वजह से अंदर बैठे लोग पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए।

टाटा सिएरा का मजबूत डिजाइन और पिलर्स

टाटा ने अपनी सिएरा एसयूवी को हाई-स्ट्रेंथ स्टील (High-Strength Steel) और मॉडर्न प्लेटफॉर्म आर्किटेक्चर पर तैयार किया है। इसकी बॉडी बेहद मजबूत स्टील से बनी है। इसके फ्रंट 'क्रंपल जोन' एक्सीडेंट के झटके को सोख लेते हैं और इम्पैक्ट को केबिन तक नहीं पहुंचने देते। कार के ए, बी और सी पिलर्स को मोटे हाई-टेंसाइल स्टील से काफी मजबूत बनाया गया है। बीएनसीएपी (BNCAP) के 50 किमी/घंटा वाले साइड इम्पैक्ट टेस्ट में भी ये पिलर्स केबिन को डैमेज होने से बचाते हैं। इससे इमरजेंसी के वक्त दरवाजे आसानी से खुल जाते हैं।

भारत NCAP में भी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग!

टाटा सिएरा ने 'भारत NCAP' (BNCAP) क्रैश टेस्ट में पूरे 5-स्टार (5-Star Safety Rating) हासिल किए हैं। ये 5-स्टार रेटिंग कार के सभी वेरिएंट्स और फ्यूल मॉडल्स के लिए है। एडल्ट सेफ्टी की बात करें तो इसे 32 में से शानदार 31.14 पॉइंट मिले हैं। इसे फ्रंटल क्रैश टेस्ट में 15.14/16 और साइड इम्पैक्ट टेस्ट में पूरे 16/16 नंबर मिले हैं। वहीं, चाइल्ड सेफ्टी में इस एसयूवी ने 49 में से 44.73 पॉइंट हासिल किए हैं। टाटा ने हर कार में स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), ट्रैक्शन कंट्रोल और पैदल चलने वालों की सुरक्षा का सिस्टम दिया है।

टाटा सिएरा के खास प्रीमियम फीचर्स

टाटा ने 1991 के अपने आइकॉनिक मॉडल को बिल्कुल नए और मॉडर्न अवतार में पेश किया है। नई सिएरा तकनीक के मामले में भी काफी एडवांस है:

  • ट्रिपल स्क्रीन डैशबोर्ड: कार में एक प्रीमियम डैशबोर्ड है, जिसमें डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, सेंट्रल इंफोटेनमेंट स्क्रीन और फ्रंट पैसेंजर के लिए एक अलग डिस्प्ले मिलता है।
  • लग्जरी सुविधाएं: इसमें बड़ा पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें, डुअल-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और 'डॉल्बी एटमॉस' सपोर्ट वाला जेबीएल (JBL) ऑडियो सिस्टम दिया गया है।
  • एडवांस्ड एडास (ADAS Level 2+): इसके टॉप मॉडल्स में 22 सेफ्टी फीचर्स वाली 'लेवल 2+ एडास' तकनीक, 360-डिग्री एचडी कैमरा और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) हेड-अप डिस्प्ले मौजूद है।
  • बूट स्पेस: यात्रियों का सामान रखने के लिए इसमें 622 लीटर का बड़ा बूट स्पेस मिलता है।

सड़क पर हुआ ये खौफनाक हादसा टाटा सिएरा की असली सेफ्टी और इसके मजबूत डिजाइन का जीता-जागता सबूत है।

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