TCS नासिक केस में मुख्य आरोपी निदा खान फरार हैं और प्रेग्नेंसी के आधार पर अग्रिम जमानत मांग रही हैं। SIT जांच जारी है, 7 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोपों ने मामला और संवेदनशील बना दिया है।

TCS Nashik Case Latest Update: TCS के नासिक ऑफिस में कथित जबरदस्ती धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न मामले की मुख्य आरोपी निदा खान इस समय मुंबई में हैं और अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट्स के मुताबिक, निदा खान के परिवार ने खुद उसकी प्रेग्नेंसी की पुष्टि की है। बता दें कि निदा अब भी फरार है और उसने नासिक की लोकल कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन किया है, जिसमें अपनी मेडिकल स्थिति को अहम कारण बताया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

SIT जांच जारी: मेडिकल स्थिति की पुष्टि का इंतजार

रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों को उम्मीद है कि आधिकारिक माध्यमों से उनकी मेडिकल स्थिति की पुष्टि जल्द हो जाएगी। इस मामले की जांच के लिए हाल ही में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है, जो लगातार निदा खान को हिरासत में लेने की कोशिश कर रही है।

TCS नासिक ऑफिस केस: 9 शिकायतें और कई गंभीर आरोप

यह पूरा मामला TCS के नासिक ऑफिस में सामने आई 9 शिकायतों से जुड़ा है, जिनमें यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। अब तक पुलिस 7 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला (HR हेड) शामिल हैं। इस केस में 8 महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई है, जिनका आरोप है कि उनके सीनियर सहकर्मियों ने उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न किया। साथ ही, HR विभाग ने उनकी शिकायतों पर कोई एक्शन नहीं लिया।

घटनाओं की टाइमलाइन: 2022 से 2026 तक के आरोप

  • रिपोर्ट के अनुसार, ये घटनाएं फरवरी 2022 से लेकर मार्च 2026 के बीच हुईं। पुलिस जांच में सामने आया है कि एक आरोपी ने शादी का झूठा वादा कर सहकर्मी के साथ शारीरिक संबंध बनाए।
  • दूसरे आरोपी ने महिला कर्मचारी को अनुचित तरीके से छुआ और उसकी निजी व शादीशुदा जिंदगी पर अपमानजनक टिप्पणी की।
  • एक और मामले में, एक पुरुष कर्मचारी को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया और उसके धर्म को लेकर अपमानजनक बातें कही गईं।

कंपनी के अंदर शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने के आरोप

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि जब एक पीड़ित महिला ने कंपनी के एक सीनियर अधिकारी को मौखिक शिकायत दी, तो उन्होंने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस निष्क्रियता ने आरोपियों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा दिया, जिससे स्थिति और गंभीर होती चली गई।

गिरफ्तार आरोपी और कंपनी की कार्रवाई

गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों, जिन्हें बाद में सस्पेंड कर दिया गया की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और HR हेड अश्विनी चैनानी के रूप में हुई है। कंपनी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन सभी को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।

TCS की प्रतिक्रिया: जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर जोर

Tata Consultancy Services ने इस मामले से खुद को अलग करते हुए साफ कहा है कि वह किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या जबरदस्ती के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाती है। कंपनी के अनुसार, जैसे ही मामला सामने आया, तुरंत कार्रवाई की गई और सभी आरोपियों को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही, कंपनी जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है।

टाटा ग्रुप की प्रतिक्रिया: मामले को बताया गंभीर

Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इस मामले को “बेहद चिंताजनक और दुखद” बताया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। TCS की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आरती सुब्रमण्यन की निगरानी में एक विस्तृत जांच प्रक्रिया चल रही है। इसका उद्देश्य तथ्यों को स्पष्ट करना और दोषियों की पहचान करना है। मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पहले ही शुरू हो चुकी है।