सोनौली इमिग्रेशन जांच में थाई महिला के मोबाइल से भारतीय पहचान पत्रों की डिजिटल प्रतियां मिलीं। पुलिस के अनुसार, महिला ने कथित तौर पर नाम बदलकर वोटर आईडी, आधार और पैन कार्ड बनवाए थे। मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हो गई है।

भारत-नेपाल सीमा पर सोनौली इमिग्रेशन काउंटर पर हुई एक जांच ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। एक थाई महिला के मोबाइल फोन में भारतीय पहचान पत्रों की डिजिटल प्रतियां मिलने के बाद मामला सामने आया। पुलिस के मुताबिक, महिला ने कथित तौर पर अपनी पहचान बदलकर भारत के वोटर आईडी, आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा रखे थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये दस्तावेज किस मकसद से तैयार कराए गए और इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।

इमिग्रेशन जांच में सामने आया मामला

जानकारी के मुताबिक, 16 अगस्त 2026 को एक थाई नागरिक महिला सोनौली स्थित इमिग्रेशन कार्यालय में प्रक्रिया पूरी कराने पहुंची थी। उसकी पहचान चोन छुटिचिराफट के रूप में हुई। उसके पास वैध पासपोर्ट और वैध टूरिस्ट वीजा था। इमिग्रेशन काउंटर पर दस्तावेजों की जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन में भारतीय पहचान पत्रों की डिजिटल प्रतियां मिलीं। इसके बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई गई। जांच में पुलिस के अनुसार सामने आया कि महिला ने कथित तौर पर अपना नाम बदलकर करुणारूपाणि देवीदासी के नाम से भारतीय वोटर आईडी, आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा रखे थे।

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सोनौली थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

मामला सामने आने के बाद इमिग्रेशन काउंटर अधिकारी की तहरीर पर सोनौली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में मु0अ0सं0 77/2026 दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 336(3), 338 और 340(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। आरोपी महिला को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

अब जांच का फोकस कहां है?

मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य सुरक्षा और जांच एजेंसियां भी महिला से पूछताछ कर रही हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित तौर पर भारतीय पहचान पत्र हासिल करने के लिए महिला ने किस प्रक्रिया और माध्यम का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि दस्तावेज तैयार कराने में किसी भारतीय व्यक्ति, बिचौलिए या अन्य नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं। पुलिस पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनौली जैसे संवेदनशील इमिग्रेशन प्वाइंट पर सामने आए इस मामले ने पहचान दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया और सीमा सुरक्षा से जुड़े सवालों को भी अहम बना दिया है। हालांकि, मामले में महिला पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

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