Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ पर जुहू में फायरिंग की खबर को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस और AIMIM ने देवेंद्र फडणवीस सरकार से मुंबई की सुरक्षा पर सवाल पूछे।
मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। जुहू में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना को लेकर विपक्षी नेताओं ने महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार को घेरा है। उद्धव ठाकरे गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी से लेकर कांग्रेस और AIMIM नेताओं तक ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने पुलिस से तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने पूछा- सरकार कहां है?
उद्धव ठाकरे गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने घटना पर चिंता जताते हुए मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुंबई को देश के सबसे सुरक्षित शहरों में गिना जाता है, लेकिन यहां लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
प्रियंका चतुर्वेदी ने सलमान खान को निशाना बनाए जाने की कोशिश, रोहित शेट्टी से जुड़े मामले और बाबा सिद्दीकी की हत्या का जिक्र करते हुए पूछा कि आखिर सरकार क्या कर रही है। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाएं शहर की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती हैं।
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कांग्रेस बोली- कानून-व्यवस्था पर जवाब दे सरकार
महाराष्ट्र कांग्रेस महासचिव सचिन सावंत ने भी घटना को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या और सलमान खान के आवास पर हमले जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिल्म जगत से जुड़े लोगों को धमकियां मिलने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।
सावंत ने सवाल किया कि अगर बड़े अभिनेताओं की सुरक्षा को लेकर ऐसी चिंताएं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या स्थिति होगी? उन्होंने सरकार को जिम्मेदारी लेने और कानून-व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
वारिस पठान ने मुंबई पुलिस से की कार्रवाई की मांग
AIMIM नेता वारिस पठान ने भी जुहू में फायरिंग की खबर को गंभीर बताते हुए मुंबई पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी घटनाएं मुंबई को अपराध के पुराने दौर की ओर धकेल सकती हैं।
वारिस पठान ने पुलिस से सतर्कता बढ़ाने, मामले की तत्काल जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस घटना ने राजनीतिक बहस तेज कर दी है। हालांकि, फायरिंग से जुड़े आरोपों, घटनाक्रम और जिम्मेदार लोगों की पुष्टि पुलिस की जांच के आधार पर ही हो सकेगी।
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