UP New Expressways: उत्तर प्रदेश में मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे की तैयारी है। तीनों परियोजनाओं के लिए 651 गांवों से 8,193 हेक्टेयर जमीन खरीदे जाने की योजना है।

उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी का नेटवर्क और बड़ा होने जा रहा है। राज्य सरकार तीन नए एक्सप्रेस-वे की तैयारी में जुटी है, जिनसे पश्चिमी यूपी, हरिद्वार और विंध्य क्षेत्र के बीच आवाजाही आसान बनाने की योजना है। इन परियोजनाओं के लिए कुल 8,193 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी और प्रस्तावित मार्ग 651 गांवों से होकर गुजरेंगे। तीनों एक्सप्रेस-वे का अलाइनमेंट तय होने के बाद अब जमीन की व्यवस्था अहम चरण बन गई है।

1. विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए सबसे ज्यादा जमीन

तीनों परियोजनाओं में विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए सबसे ज्यादा जमीन की जरूरत होगी। यह प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र से होकर गुजरेगा। इसके लिए 327 गांवों से कुल 4,613.93 हेक्टेयर जमीन खरीदे जाने की योजना है।

  • प्रयागराज: 71 गांवों से 862.76 हेक्टेयर
  • भदोही: 58 गांवों से 472.74 हेक्टेयर
  • मिर्जापुर: 89 गांवों से 1,258.79 हेक्टेयर
  • सोनभद्र: 109 गांवों से 2,019.64 हेक्टेयर

इस परियोजना में सोनभद्र के हिस्से में सबसे ज्यादा जमीन आएगी। इससे विंध्य क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर करने की योजना को गति मिल सकती है।

यह भी पढ़ें: शराब, झगड़ा और फिर कत्ल! पत्नी की हत्या छिपाने के लिए पति ने रची फिल्मी साजिश

2. मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेस-वे से इन जिलों को फायदा

मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेस-वे के जरिए गंगा एक्सप्रेस-वे के पश्चिमी हिस्से को हरिद्वार तक जोड़ने की योजना है। प्रस्तावित मार्ग अमरोहा और बिजनौर से होकर गुजरेगा। जमीन खरीद तीन जिलों के 184 गांवों में प्रस्तावित है।

  • अमरोहा: 52 गांवों से 555.94 हेक्टेयर
  • बिजनौर: 108 गांवों से 1,058.44 हेक्टेयर
  • हरिद्वार: 24 गांवों से 406 हेक्टेयर

इस कॉरिडोर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरिद्वार के बीच सड़क यात्रा को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

3. विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे कहां से गुजरेगा?

तीसरी परियोजना विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे है। इसका उद्देश्य मिर्जापुर, चंदौली और गाजीपुर क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना है। इसके लिए 140 गांवों से कुल 1,558.93 हेक्टेयर जमीन खरीदने की योजना है।

  • चंदौली: 52 गांवों से 663.72 हेक्टेयर
  • गाजीपुर: 52 गांवों से 576.91 हेक्टेयर
  • मिर्जापुर: 36 गांवों से 318.30 हेक्टेयर

इन तीनों परियोजनाओं से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हालांकि, जमीन खरीद, निर्माण शुरू होने और एक्सप्रेस-वे चालू होने की समयसीमा की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही इनके पूरा होने का अनुमान लगाया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें: राम मंदिर में VIP दर्शन का नया इंतजाम, अब रोजाना जारी होंगे 3500 पास; आवेदन का तरीका वही