- Home
- News
- ट्रम्प ने 75 देशों के लिए US वीजा सर्विस क्यों रोकी? भारत के पड़ोसी क्यों आए चपेट में, जानिए वजह
ट्रम्प ने 75 देशों के लिए US वीजा सर्विस क्यों रोकी? भारत के पड़ोसी क्यों आए चपेट में, जानिए वजह
Trump Visa Ban: क्या डोनाल्ड ट्रम्प दुनिया से अमेरिका के दरवाज़े बंद करने जा रहे हैं? पाकिस्तान-बांग्लादेश समेत 75 देशों के लिए US वीजा सर्विस रोकने का फैसला क्यों लिया गया? क्या यह सिर्फ सुरक्षा है या गैर-यूरोपीय इमिग्रेशन पर बड़ी साजिश? सच क्या है?

US Visa Suspended 75 Countries: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर अपने सख्त इमिग्रेशन फैसलों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार ट्रम्प प्रशासन ने 75 देशों के लिए US इमिग्रेंट वीजा जारी करने की पूरी प्रक्रिया रोकने का फैसला किया है। यह रोक 21 जनवरी से लागू होगी। इस फैसले में पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत भारत के 6 पड़ोसी देश भी शामिल हैं। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक आंतरिक मेमो के आधार पर लिया गया है। ट्रम्प प्रशासन का साफ कहना है कि अमेरिका आने वाले विदेशियों की संख्या को कम करना और इमिग्रेशन सिस्टम के “गलत इस्तेमाल” को रोकना इसका मुख्य मकसद है।
भारत के कौन-कौन से पड़ोसी देशों पर US वीजा रोक लगेगी?
इस फैसले का असर सीधे तौर पर भारत के आसपास के देशों अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल और पाकिस्तान पर पड़ेगा। इन देशों के नागरिकों को इमिग्रेंट वीजा फिलहाल नहीं दिया जाएगा, जब तक अमेरिका अपनी जांच और सत्यापन प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा नहीं कर लेता।
अमेरिका वीजा क्यों रोक रहा है? असली वजह क्या है?
अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि सरकार अब अपनी कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल करेगी, ताकि ऐसे लोगों को वीजा न दिया जाए जिनके बारे में आशंका हो कि वे अमेरिका जाकर सरकारी मदद या वेलफेयर योजनाओं पर निर्भर हो सकते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन अमेरिका की इमिग्रेशन व्यवस्था का गलत इस्तेमाल रोकना चाहता है और अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसों की सुरक्षा करना चाहता है।
क्या टूरिस्ट और बिजनेस वीजा भी बंद होंगे?
अच्छी खबर यह है कि टूरिस्ट वीजा, बिजनेस वीजा और अन्य अस्थायी वीजा-इन पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। यहां तक कि इस साल होने वाले फुटबॉल वर्ल्ड कप को देखने आने वाले लोग भी इस रोक से बाहर रखे गए हैं। हालांकि, अब सभी वीजा आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच जरूर की जाएगी। इस लिस्ट में सिर्फ एशिया ही नहीं बल्कि एशिया, अफ्रीका, यूरोप, कैरिबियन, नॉर्थ और साउथ अमेरिका के देश भी शामिल हैं। यानी यह फैसला ग्लोबल लेवल पर असर डालने वाला है।
75 देशों की लिस्ट में कौन-कौन से इलाके शामिल हैं?
इनमें एशिया महाद्वीप के अफगानिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, बांग्लादेश, भूटान, बर्मा (म्यांमार), कंबोडिया, ईरान, इराक, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कुवैत, किर्गिस्तान, लाओस, लेबनान, मंगोलिया, नेपाल, पाकिस्तान, सीरिया, थाईलैंड, उज्बेकिस्तान और यमन शामिल हैं। अफ्रीका महाद्वीप के अल्जीरिया, कैमरून, केप वर्डे, कोटे डी आइवर, कांगो, मिस्र, इरिट्रिया, इथियोपिया, गैम्बिया, घाना, गिनी, हैती, लाइबेरिया, लीबिया, मोरक्को, नाइजीरिया, कांगो गणराज्य, रवांडा, सेनेगल, सिएरा लियोन, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान, तंजानिया, टोगो, ट्यूनीशिया और युगांडा शामिल हैं।
इन देशों के नाम भी है ट्रंप प्रशासन की लिस्ट में
इसी क्रम में यूरोपीय महाद्वीप के रूस, अल्बानिया, बेलारूस, बोस्निया, जॉर्जिया, कोसोवो, मैसेडोनिया (नॉर्थ मैसेडोनिया), मोल्दोवा और मोंटेनेग्रो्, उत्तर अमेरिका (कैरिबियन सहित) के एंटीगुआ और बारबुडा, बहामास, बारबाडोस, बेलीज, क्यूबा, डोमिनिका, ग्रेनाडा, हैती, जमैका, सेंट किट्स और नेविस, सेंट लुसिया, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइन्स देशों के बीजा बैन करने का फैसला लिया गया है। दक्षिण और सेंट्रल अमेरिकी देशों में ब्राजील, कोलंबिया, उरुग्वे, ग्वाटेमाला और निकारागुआ पर बैन लगाया जाएगा।
क्या ट्रम्प गैर-यूरोपीय इमिग्रेशन को टारगेट कर रहे हैं?
मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वे गैर-यूरोपीय देशों से इमिग्रेशन कम करना चाहते हैं। उन्होंने पहले सोमालिया जैसे देशों को लेकर विवादित बयान दिए थे, जबकि स्कैंडिनेवियाई देशों को अमेरिका के लिए “बेहतर” बताया था।
ट्रम्प की वापसी के बाद कितने वीजा रद्द हुए?
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार अब तक 1 लाख से ज्यादा वीजा रद्द किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा एक साल में सबसे ज्यादा है। वहीं, अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग का कहना है कि पिछले महीने 6 लाख 5 हजार लोगों को डिपोर्ट किया गया। करीब 25 लाख लोग खुद ही अमेरिका छोड़कर चले गए।
क्या आगे और सख्त फैसले आ सकते हैं?
इमिग्रेशन मामलों में ट्रम्प लगातार सख्ती दिखा रहे हैं। व्हाइट हाउस के पास हुई एक गोलीबारी की घटना के बाद उन्होंने थर्ड वर्ल्ड देशों से इमिग्रेशन स्थायी रूप से रोकने तक की बात कही थी। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में नियम और भी कड़े हो सकते हैं।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

