TV News Advisory में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने निजी न्यूज चैनलों के लिए 10 निर्देश जारी किए हैं। आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन की लाइव कवरेज, हिंसक विजुअल्स, भड़काऊ डिबेट, AI के इस्तेमाल और एडिटोरियल सिस्टम को लेकर जानें पूरी गाइडलाइन।
TV Channels Advisory: सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने देश के सभी प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनलों के लिए एक कड़ी एडवाइजरी जारी कर दी है। सरकार का साफ कहना है कि न्यूज के नाम पर देशविरोधी विचार, भड़काऊ बहसें और बिना सोचे-समझे AI का इस्तेमाल अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा। अंतर-विभागीय समिति (IDC) की जांच में पाया गया था कि कई चैनल लगातार 'प्रोग्राम कोड' की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इसी को देखते हुए केबल टीवी नेटवर्क (रेगुलेशन) एक्ट के तहत यह 10 सूत्रीय गाइडलाइन थमाई गई है।
सरकार के ये हैं वो 10 सख्त नियम: जानिए चैनलों को क्या निर्देश दिए गए?
1. एंटी-टेरर ऑपरेशन की नो लाइव कवरेज: आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान लाइव प्रसारण पर पूरी तरह बैन रहेगा। सेना या पुलिस के ऑपरेशन खत्म होने के बाद जब अधिकृत अधिकारी ब्रीफिंग देंगे, सिर्फ वही जानकारी दिखाई जा सकेगी। पुराने फुटेज दिखाते वक्त 'टाइम-स्टैंप' लगाना अनिवार्य है ताकि दर्शक इसे लाइव न समझें।
2. हिंसक और विचलित करने वाले दृश्यों पर लगाम: एक्सीडेंट, मर्डर या हिंसा के ऐसे सीन जिनसे देखने वालों को धक्का पहुंचे, उन्हें दिखाने से बचने को कहा गया है। टीवी स्क्रीन पर शालीनता और संवेदनशीलता बनी रहनी चाहिए।
3. क्राइम रिपोर्टिंग में सिर्फ पक्के फैक्ट्स चलेंगे: अपराध से जुड़ी खबरों में किसी भी तरह की अफवाह या अधकचरी जानकारी दिखाने से सख्त मना किया गया है। जो भी रिपोर्टिंग हो, वह तथ्यों पर आधारित और संतुलित होनी चाहिए।
4. सनसनी फैलाना बंद करें, लूप में न चलाएं खतरनाक फुटेज: किसी जुर्म को बढ़ा-चढ़ाकर या ग्लैमराइज करके पेश करने पर रोक लगाई गई है। खून-खराबे या खौफनाक तस्वीरों को बार-बार लूप में चलाने के बजाय ब्लर या मास्क करने का आदेश दिया गया है।
5. हादसों और प्राकृतिक आपदा की जिम्मेदार कवरेज: भूकंप, बाढ़ या बड़े हादसों के दौरान ऐसी रिपोर्टिंग न हो जिससे लोगों में भगदड़ या खौफ फैले। विजुअल्स पर टाइम-स्टैंप लगाना जरूरी होगा ताकि खबर की सटीक टाइमिंग का पता चल सके।
6. भारत का सिर्फ आधिकारिक नक्शा ही चलेगा: ग्राफिक्स, बैकड्रॉप या डिजिटल स्क्रीन पर केवल 'सर्वे ऑफ इंडिया' (Survey of India) द्वारा जारी किया गया भारत का आधिकारिक मैप ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। गलत या विवादित नक्शा दिखाने पर कार्रवाई होगी।
7. भड़काऊ डिबेट्स और जहरीले पैनलिस्ट पर नकेल: चैनलों को ऐसे गेस्ट या एंकरों को रोकने के लिए म्यूट बटन, डिस्क्लेमर या सीधे फीड काटने की तैयारी रखनी होगी जो लाइव शो में सांप्रदायिक या देशविरोधी बातें फैलाते हैं।
8. यौन अपराध पीड़ितों की पहचान पर पूर्ण गोपनीयता: रेप या यौन उत्पीड़न की शिकार पीड़िता का नाम, फोटो, परिवार का पता या कोई भी ऐसा सुराग देना गैरकानूनी है जिससे उनकी पहचान जाहिर हो सके। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन अनिवार्य है।
9. AI और जनरेटिव टूल्स के इस्तेमाल में सतर्कता: जनरेटिव AI, ग्राफिक्स और वर्चुअल न्यूज प्रेजेंटेशन का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करें। AI खबरों की सटीकता, प्रामाणिकता और संवेदनशीलता को प्रभावित न करे। अंतिम कंटेंट में प्रोग्राम कोड का पालन जरूरी है।
10. एडिटोरियल टीम की ट्रेनिंग और सिस्टम की मजबूती: न्यूज चैनल खबर जुटाने, एडिटिंग, प्रोडक्शन और प्रसारण की समीक्षा व्यवस्था मजबूत करें। कर्मचारियों को प्रोग्राम कोड की जानकारी देने के लिए नियमित ट्रेनिंग, वर्कशॉप और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें।









