यूके में नर्स रेबेका ने 99 वर्षीय मरीज से 770000 पाउंड की ठगी कर उनका घर और कैश हड़प लिया। बैंक की सतर्कता से इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। इसके बाद नर्सिंग काउंसिल ने उस पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है।

यूके (UK) में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नर्स ने अपनी 99 साल की मरीज को धोखे में रखकर करीब 7,70,000 पाउंड (लगभग 9.6 करोड़ रुपये) की ठगी की। इस खुलासे के बाद नर्सिंग एंड मिडवाइफरी काउंसिल (NMC) के ट्रिब्यूनल ने रेबेका बरवुड नाम की इस नर्स पर जिंदगी भर के लिए बैन लगा दिया है। अब वह कभी नर्सिंग का काम नहीं कर पाएगी।

रेबेका ने साल 2002 में नर्सिंग का रजिस्ट्रेशन कराया था। वह वेल्स के फ्लिंटशायर स्थित 'ब्रायन यर हौल केयर होम' (Bryn yr Haul Care Home) में डिप्टी मैनेजर के तौर पर काम कर रही थी। साल 2017 में बुजुर्ग महिला एक हादसे में गिर गई थीं, जिसके बाद वह काफी कमजोर और अकेली हो गईं। रेबेका ने इसी बात का फायदा उठाया और चालाकी से उन्हें अपने प्रभाव में ले लिया।

रेबेका ने बुजुर्ग महिला को बातों में उलझाकर उनका 4,00,000 पाउंड (करीब 5 करोड़ रुपये) का घर अपने नाम करवा लिया। इसके बाद 2018 में बुजुर्ग को केयर होम में शिफ्ट कर दिया गया। ट्रिब्यूनल की जांच में पता चला कि घर के अलावा रेबेका ने पांच साल के अंदर 3,70,000 पाउंड (करीब 4.6 करोड़ रुपये) कैश भी ऐंठ लिए। इस तरह कुल ठगी 7,70,000 पाउंड तक पहुंच गई।

रेबेका ने बुजुर्ग के अकाउंट से एटीएम के जरिए करीब 1,60,000 पाउंड (लगभग 2 करोड़ रुपये) निकाले। इस पैसे का इस्तेमाल उसने अपने घर की मरम्मत, यूटिलिटी बिल और काउंसिल टैक्स भरने में किया। इतना ही नहीं, उसने बुजुर्ग को साथ घूमने का झांसा दिया और कार खरीदने के लिए 20,000 पाउंड और कैंपरवैन के लिए 9,000 पाउंड भी ले लिए।

लॉकडाउन के दौरान रेबेका ने बुजुर्ग से यह कहकर पैसे लिए कि वह घर में एक एक्सटेंशन बनवा रही है ताकि दोनों साथ रह सकें। जबकि असल में यह काम लॉकडाउन से पहले ही पूरा हो चुका था। आरोप तो यह भी हैं कि ठगी के इन पैसों का एक हिस्सा रेबेका ने अपनी कॉस्मेटिक सर्जरी पर खर्च किया।

इस भारी लूट की वजह से बुजुर्ग महिला के पास सिर्फ 23 महीने के केयर होम खर्च लायक ही पैसे बचे थे। अगर यह पैसा भी खत्म हो जाता, तो उनकी देखभाल का जिम्मा लोकल काउंसिल को उठाना पड़ता।

बैंक की सतर्कता से खुला राज

मार्च 2023 में बुजुर्ग के बैंक अकाउंट से हो रहे बड़े ट्रांजैक्शन देखकर बैंक अधिकारियों को शक हुआ। उन्होंने तुरंत नॉर्थ वेल्स पुलिस को इसकी जानकारी दी और अकाउंट फ्रीज कर दिया। इसे दोबारा चालू करवाने के लिए रेबेका बुजुर्ग को लेकर बैंक पहुंची। वहां बैंक कर्मचारियों ने सुना कि रेबेका बुजुर्ग को धमका रही थी कि अगर उन्होंने पैसे नहीं निकालने दिए, तो वह उन्हें बाहर नहीं ले जाएगी। हालांकि, अकाउंट अनफ्रीज करने की उसकी कोशिश नाकाम रही।

इसके बाद अप्रैल 2023 में एक दूसरी नर्स ने रेबेका को बुजुर्ग से यह कहते हुए सुना, "मैं पैसे लौटा दूंगी, बस यहां साइन कर दो।" उस नर्स ने तुरंत अधिकारियों को इसकी शिकायत कर दी। इसके बाद रेबेका के बुजुर्ग से मिलने पर सख्त पाबंदी लगा दी गई।

मई में जब सुरक्षा जांच हुई, तो बुजुर्ग महिला ने पुलिस में शिकायत करने से मना कर दिया। उनका कहना था कि रेबेका ने अपनी गलती से सबक सीख लिया है और वह उनकी दोस्ती को अहमियत देती हैं।

नर्सिंग काउंसिल (NMC) का एक्शन

जून 2023 में यह मामला नर्सिंग एंड मिडवाइफरी काउंसिल को सौंपा गया। एनएमसी ने साफ कहा कि रेबेका ने एक कमजोर और अकेली महिला का फायदा उठाकर सुनियोजित तरीके से ठगी की है, इसलिए वह अब कभी नर्स के तौर पर काम नहीं कर सकती।

खुद को बचाने के लिए रेबेका ने दलील दी कि वह बुजुर्ग को अपनी दादी की तरह मानती थी, इसलिए उसने प्रोफेशनल दायरे पार किए। लेकिन ट्रिब्यूनल ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया और माना कि उसने अपने निजी फायदे के लिए जानबूझकर बुजुर्ग का शोषण किया। बता दें कि अब उस बुजुर्ग महिला का निधन हो चुका है।