मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को ‘प्रारंभिक उत्तर भारत और इसके सिक्के’ पुस्तक का विमोचन करेंगे। देवेन्द्र हांडा द्वारा लिखित यह पुस्तक उत्तर भारत के प्रारंभिक ऐतिहासिक सिक्कों और उनके सांस्कृतिक, आर्थिक प्रभावों पर आधारित है।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को ‘प्रारंभिक उत्तर भारत और इसके सिक्के’ शीर्षक पुस्तक का विमोचन करेंगे। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग, लखनऊ में शाम 6:30 बजे आयोजित किया जाएगा।

लेखक, अनुवादक और संग्रहकर्ता की जानकारी

इस पुस्तक के लेखक देवेन्द्र हांडा हैं, जबकि इसका हिंदी अनुवाद मनीष वर्मा ने किया है। पुस्तक का संग्रह हिंदुजा फाउंडेशन द्वारा किया गया है, जिसने इसे शोध और दस्तावेजीकरण की दृष्टि से समृद्ध बनाया है। उत्तर भारत के प्रारंभिक ऐतिहासिक सिक्कों पर सबसे बड़ा संकलन

इस पुस्तक को उत्तर भारत के स्वदेशी प्रारंभिक ऐतिहासिक सिक्कों की सबसे बड़ी संख्या पर चर्चा और चित्रण करने का विशेष गौरव प्राप्त है। इसमें दुर्लभ और प्राचीन सिक्कों के माध्यम से उस दौर की आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी परिस्थितियों को समझाया गया है।

मुद्राशास्त्र के माध्यम से इतिहास और संस्कृति का विश्लेषण

पुस्तक में प्रारंभिक ऐतिहासिक काल के दौरान उत्तर भारत में मुद्राशास्त्र (Numismatics) के प्रभाव को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। इसमें इतिहास, संस्कृति, कला, प्रतिमा विज्ञान, धातु विज्ञान, प्रौद्योगिकी, व्यापार, व्यापारिक मार्गों और लोगों के प्रवास जैसे विषयों पर सिक्कों के माध्यम से प्रकाश डाला गया है।

उत्तर भारत के प्राचीन इतिहास को समझने का महत्वपूर्ण दस्तावेज

यह पुस्तक शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और संस्कृति में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उत्तर भारत के प्राचीन इतिहास को समझने का एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ है, जो सिक्कों के माध्यम से उस समय की सामाजिक और आर्थिक संरचना को सामने लाती है।