मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ सभी प्रमुख स्नान सकुशल होंगे। पौष पूर्णिमा पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम स्नान किया।

प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ माघ मेले के सभी प्रमुख स्नान सकुशल संपन्न होंगे। शनिवार को प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रशासन की सतर्कता, तकनीक के बेहतर उपयोग और विभागों के आपसी सहयोग से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें माघ मास में पावन त्रिवेणी के दर्शन और स्नान का सौभाग्य प्राप्त हुआ, यह उनके लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है।

पिछले वर्ष महाकुंभ की तैयारियों का किया स्मरण

सीएम योगी ने बताया कि पिछले वर्ष इसी समय महाकुंभ की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही थीं और 10 जनवरी को भी वे प्रयागराज में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला 3 जनवरी से प्रारंभ होकर 15 फरवरी तक चलेगा, ऐसे में सभी प्रमुख स्नान पर्व और आयोजनों के सफल संचालन के लिए वे स्वयं लगातार निगरानी कर रहे हैं।

पौष पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड उपस्थिति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि माघ मेले में पौष पूर्णिमा के अवसर पर प्रशासन को 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान था, लेकिन 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी में स्नान किया। श्रद्धालुओं ने भगवान वेणी माधव, बड़े हनुमान जी महाराज और अक्षयवट के सानिध्य में सकुशल स्नान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कल्पवासी एक माह के कल्पवास के लिए साधना में लीन हैं।

रामानंदाचार्य जयंती और प्रयागराज की आध्यात्मिक विरासत

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी की 726वीं पावन जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने प्रयागराज को ऋषि-मुनियों की पावन धरा बताते हुए कहा कि यहां महर्षि भारद्वाज, याज्ञवल्क्य सहित अनेक सिद्ध संतों का सानिध्य रहा है। उन्होंने बताया कि दारागंज जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है।

प्रमुख स्नान पर्वों की तिथियां और व्यापक तैयारियां

मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, माघ मेले के दौरान

  • 14-15 जनवरी: मकर संक्रांति
  • 18 जनवरी: मौनी अमावस्या
  • 23 जनवरी: वसंत पंचमी
  • माघ पूर्णिमा
  • 15 फरवरी: महाशिवरात्रि

इन सभी प्रमुख स्नानों को लेकर प्रशासन और सभी संबंधित विभागों ने व्यापक तैयारियां की हैं।

घाटों का विस्तार, स्वच्छता और शीतलहर से बचाव के इंतजाम

सीएम योगी ने बताया कि इस वर्ष माघ मेले के लिए घाटों की लंबाई बढ़ाई गई है। स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और भीषण शीतलहर को देखते हुए आवश्यक बचाव के उपाय किए गए हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को समय-समय पर आवश्यक सूचनाएं मिलती रहें।

मेला सेवा ऐप से श्रद्धालुओं को मिलेगी त्वरित सुविधा

मुख्यमंत्री ने बताया कि माघ मेले के दौरान मेला सेवा ऐप का शुभारंभ किया गया है। इस ऐप के माध्यम से संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को आवश्यक सेवाएं, जानकारी और शिकायतों का समाधान त्वरित रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है।

सभी प्रमुख स्नान सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से होंगे संपन्न

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि जिस तरह पौष पूर्णिमा का स्नान संवाद और सहयोग से सकुशल संपन्न हुआ, उसी प्रकार आगे के सभी पांच प्रमुख स्नान पर्व भी पवित्रता, समन्वय और सुरक्षा के साथ संपन्न होंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है और सभी के सहयोग से माघ मेला पूरी तरह सफल होगा।