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यूपी SIR वोटर लिस्ट अपडेट: आखिर लखनऊ में सबसे ज्यादा नाम क्यों कटे? जाने पूरे प्रदेश का आंकड़ा
UP SIR Voter Shock: यूपी में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लखनऊ में 30% और गाजियाबाद में लाखों वोटर अचानक गायब क्यों हो गए? क्या आपका नाम भी कट गया? 2.89 करोड़ नाम हटने के पीछे मृत, माइग्रेशन या डुप्लीकेसी वजह है या कुछ और?

Uttar Pradesh Draft Electoral Roll: उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ने लाखों लोगों को चौंका दिया है। कई मतदाता जब अपना नाम ऑनलाइन खोजने पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उनका नाम अब लिस्ट में दिखाई ही नहीं दे रहा। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि राजधानी लखनऊ में सबसे ज्यादा वोटरों के नाम हटाए गए हैं, जबकि गाजियाबाद दूसरे नंबर पर है।
लखनऊ में 30% वोटर कहां चले गए?
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) नवदीप रिन्वा के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 को लखनऊ में कुल 39,94,535 वोटर दर्ज थे। लेकिन 5 जनवरी 2026 को जारी ड्राफ्ट लिस्ट में यह संख्या घटकर 27,94,397 रह गई। यानी करीब 30.04 प्रतिशत वोटरों के नाम लिस्ट से हटा दिए गए। यह आंकड़ा अपने आप में कई सवाल खड़े करता है।
गाजियाबाद में भी क्यों कटी इतनी बड़ी संख्या?
लखनऊ के बाद गाजियाबाद में सबसे ज्यादा नाम हटाए गए। यहां 27 अक्टूबर को 28,37,991 वोटर थे, लेकिन नई ड्राफ्ट लिस्ट में सिर्फ 20,19,852 नाम बचे हैं। यानी लाखों वोटर अचानक गायब हो गए।
#WATCH | Lucknow: On the release of the draft voter list, Uttar Pradesh Chief Election Officer Navdeep Rinwa says, "... Our BLOs went to every house and gave their enumeration form to the voters. After signing the form, they collected the enumeration form again... It was found… pic.twitter.com/zi4YTtGKhn
— ANI (@ANI) January 6, 2026
आखिर पूरे यूपी में कितने नाम हटे?
CEO के मुताबिक, पूरे उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 18.70 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं। कुल मिलाकर 2.89 करोड़ वोटरों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं किए गए। यह कार्रवाई SIR के एन्यूमरेशन फेज के बाद की गई।
नाम हटने की असली वजह क्या है?
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि हटाए गए नामों में 46.23 लाख मृत वोटर, 2.17 करोड़ ऐसे लोग जो अपने पुराने पते से शिफ्ट हो चुके हैं, लापता हैं या BLO को नहीं मिले, 25.47 लाख डुप्लीकेट वोटर, जिनके नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज थे। इन सभी को मिलाकर बड़ी संख्या में नाम हटाए गए।
क्या आपका नाम भी कट गया है? ऐसे करें चेक
CEO ने लोगों से अपील की है कि वे EPIC नंबर डालकर आधिकारिक वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in पर अपना नाम जरूर चेक करें। यहां बूथ और सीरियल नंबर की पूरी जानकारी मिलेगी।
नाम नहीं मिला तो अब क्या करें?
- अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है।
- आप फॉर्म-6 भरकर दोबारा नाम जुड़वा सकते हैं।
- जिन युवाओं की उम्र 1 जनवरी 2026 को 18 साल पूरी हो रही है, वे भी आवेदन कर सकते हैं।
- दावा और आपत्ति दर्ज करने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक है।
क्या यह वोटर लिस्ट सुधार पारदर्शी है?
चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का मकसद सिर्फ यही है कि योग्य वोटर शामिल हों और अयोग्य बाहर हों। इसके लिए राजनीतिक दलों, BLO, BLA और स्वयंसेवकों ने मिलकर बड़े स्तर पर काम किया है। तो क्या सच में सभी योग्य वोटर लिस्ट में रह पाए हैं, या अभी भी कई नाम जुड़ने बाकी हैं? जवाब के लिए हर मतदाता को खुद अपना नाम जरूर जांचना होगा।

