साइबर ठगी पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने साइबर कमांडो तैनात किए और डिजिटल अरेस्ट को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया। सीएम योगी की पाती और यूपी पुलिस की लघु फिल्म से लाखों लोग सतर्क हुए।

लखनऊ। प्रदेशवासियों की गाढ़ी कमाई को साइबर ठगों से बचाने के लिए योगी सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी पर रोक लगाने के लिए साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस द्वारा लगातार साइबर अवेयरनेस प्रोग्राम भी चलाए जा रहे हैं।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पाती से प्रदेशवासियों को सीधा संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपनी पाती के माध्यम से प्रदेशवासियों से साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने यह संदेश मीडिया के जरिए जन-जन तक पहुंचाया और लोगों से खुद जागरूक बनने के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी कानून में “डिजिटल अरेस्ट” का कोई प्रावधान नहीं है।

‘डिजिटल अरेस्ट’ पर जागरूकता फिल्म को लाखों ने देखा

मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप यूपी पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ को लेकर एक जागरूकता लघु फिल्म जारी की है। यह फिल्म पिछले चार दिनों में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर 17 लाख 30 हजार से अधिक लोगों तक पहुंच चुकी है। यह लघु फिल्म आम नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों से सतर्क करती है और डर के बजाय सही कदम उठाने का संदेश देती है।

सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार : मुख्यमंत्री योगी

मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में लिखा कि मोबाइल और कंप्यूटर ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराध की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। सरकार इनसे निपटने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सिर्फ 2 साइबर क्राइम थाने थे, जबकि आज सभी 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने और साइबर हेल्प डेस्क सक्रिय हैं।

पुलिस कभी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती

मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि साइबर अपराधी “डिजिटल अरेस्ट” जैसे झूठे शब्दों का इस्तेमाल कर लोगों को डराते हैं और पैसे ऐंठते हैं। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से गिरफ्तारी नहीं करती और न ही पैसे मांगती है।

सोशल मीडिया उपयोग में बरतें सावधानी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली तस्वीरें, वीडियो और लोकेशन साइबर अपराधियों के लिए हथियार बन सकती हैं। उन्होंने अपील की कि व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल्स या ओटीपी किसी से साझा न करें।

साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सावधानी के बावजूद साइबर अपराध हो जाए, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, उतनी ही अधिक धन वापस मिलने की संभावना होगी। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक करने पर उन्होंने जोर दिया।

सुरक्षित और साइबर अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश का आह्वान

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वयं भी सतर्क रहें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा- “आइए, हम सब मिलकर एक सुरक्षित और साइबर अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश का निर्माण करें।”

नाना पाटेकर अभिनीत लघु फिल्म को जबरदस्त प्रतिक्रिया

योगी सरकार के निर्देश पर यूपी पुलिस द्वारा जारी लघु फिल्म में मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर ने अभिनय किया है। चार दिनों में-

  • यूट्यूब पर 10.42 लाख व्यूज
  • एक्स (Twitter) पर 1.26 लाख
  • इंस्टाग्राम पर 42 हजार
  • फेसबुक पर 20 हजार से अधिक
  • व्हाट्सएप चैनल व डिजिटल वॉलंटियर ग्रुप्स से 5 लाख लोगों तक संदेश पहुंचा

ये आंकड़े बताते हैं कि साइबर सुरक्षा आज आमजन के लिए कितना महत्वपूर्ण विषय बन चुका है।