ट्रंप सरकार ने भारतीय सोलर उत्पादों पर 126% टैक्स लगाया है, इसे अमेरिकी बाजार में डंपिंग बताया। उन्होंने इंपोर्ट टैक्स से अमेरिकियों को इनकम टैक्स से मुक्ति दिलाने और ईरान के साथ बातचीत को प्राथमिकता देने की बात भी कही।

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने भारत से आने वाले सोलर सामान पर 126% का भारी टैक्स लगाने का ऐलान किया है। कुछ समय पहले ट्रंप सरकार ने ही भारतीय सामानों पर लगने वाले टैक्स को घटाकर 10% किया था, लेकिन अब सोलर प्रोडक्ट्स को लेकर यह बड़ा फैसला लिया गया है। अमेरिका का आरोप है कि भारत सरकार सोलर पैनल और सेल बनाने के लिए जो सब्सिडी देती है, वह गलत है। इसकी वजह से भारत कम लागत में इनका प्रोडक्शन कर अमेरिकी बाजार को पाट रहा है। इसी के चलते अब भारत से एक्सपोर्ट होने वाले सोलर पैनल और सेल्स पर 126% का टैरिफ लगेगा।

जारी आदेश में कहा गया है, '2022 में अमेरिका ने 762 करोड़ रुपये के सोलर उपकरण भारत से इंपोर्ट किए थे। 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 7,200 करोड़ रुपये हो गया। भारत, इंडोनेशिया और लाओस जैसे देश कम कीमत पर सोलर उपकरण बनाकर अमेरिकी बाजार में डंप कर रहे हैं। हमारा वित्त मंत्रालय इस मामले की जांच कर रहा है।'

अमेरिका ने इंडोनेशिया पर 86% से 143% और लाओस पर 81% का टैक्स लगाया है। 2025 की शुरुआत तक, अमेरिका के कुल सोलर उपकरण इंपोर्ट में इन तीनों देशों की हिस्सेदारी 57% थी।

'अब अमेरिकियों को इनकम टैक्स से मिलेगी मुक्ति': ट्रंप

वॉशिंगटन: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, 'मैंने दूसरे देशों पर जो इंपोर्ट टैक्स लगाया है, उससे अरबों डॉलर जमा हो रहे हैं। इसलिए, बहुत जल्द अमेरिकियों को इनकम टैक्स भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।'

संसद में बोलते हुए उन्होंने कहा, 'जो देश इतने सालों तक हमें लूटते रहे, वे अब हमें अरबों डॉलर चुका रहे हैं। उन देशों को भले ही फायदा न हो, लेकिन हमें जबरदस्त फायदा हो रहा है। मैंने ऐसे समझौते किए हैं जो आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा, दोनों नजरिए से हमारे लिए फायदेमंद हैं। इसलिए, अमेरिकी लोगों पर बोझ बन चुके इनकम टैक्स को उन्हें अब भरने की जरूरत नहीं होगी।' ट्रंप इससे पहले भी कई बार इनकम टैक्स खत्म करने की बात कर चुके हैं।

'ईरान के साथ बातचीत को प्राथमिकता': ट्रंप

वॉशिंगटन: कुछ समय पहले ईरान पर हमले के लिए अमेरिका को पूरी तरह तैयार बताने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब अपना रुख बदल लिया है। उन्होंने कहा, 'हम ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। मैं इस समस्या को बातचीत के जरिए डिप्लोमैटिक तरीके से सुलझाना चाहता हूं।'

संसद में उन्होंने कहा, 'ईरान की तरफ से अब तक यह बयान नहीं आया है कि वे कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे। इसके बजाय, वे ऐसी मिसाइलें बना रहे हैं जो अमेरिका तक पहुंच सकती हैं।' ट्रंप ने पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' को भी याद किया। इस तरह उन्होंने सीधे तौर पर कुछ न कहते हुए एक रहस्यमयी बयान दिया।