वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का एक वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है। ट्रैवल क्रिएटर रुचि त्रिवेदी ने ट्रेन के लग्ज़री इंटीरियर, चमचमाती सफ़ाई, इंटरनेशनल-लेवल डिज़ाइन और प्रीमियम सुविधाओं को दिखाया। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है-क्या भारतीय यात्री इस हाईटेक ट्रेन की चमक बरकरार रख पाएंगे?

Vande Bharat Sleeper Train Viral Video: भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के इतिहास में वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत को एक मील का पत्थर माना गया है, लेकिन इसके स्लीपर वर्जन ने यात्रियों के अनुभव को एक बिल्कुल नए स्तर पर पहुंचा दिया है। हाल ही में एक महिला यात्री द्वारा साझा किया गया वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का पहला अनुभव सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। ट्रेन के भीतर की लग्जरी और वर्ल्ड-क्लास इंटीरियर को देखकर लोग हैरान हैं, जिसके बाद इस प्रीमियम सेवा को लेकर इंटरनेट पर एक नई बहस छिड़ गई है।

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रात का सफर और सोशल मीडिया पर अचानक आया 'वायरल तूफान'

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब जानी-मानी ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर रुचि त्रिवेदी ने इस अत्याधुनिक स्लीपर ट्रेन में अपनी पहली यात्रा का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। 'मेरा पहला अनुभव: भारत में नई पीढ़ी की स्लीपर ट्रेन' शीर्षक वाले इस वीडियो ने देखते ही देखते लाखों व्यूज बटोर लिए। करीब चार महीने पहले ही ट्रैक पर उतरी इस नई जनरेशन की स्लीपर ट्रेन के भीतर का नजारा किसी लग्जरी होटल या इंटरनेशनल फ्लाइट जैसा लग रहा था। रुचि ने अपने सफर को 'जबरदस्त' बताते हुए भारतीय रेलवे की इस नई कामयाबी की जमकर सराहना की।

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पर्दे, लाइटें और चमचमाती सीटें: क्या वाकई यह भारतीय रेलवे है?

वीडियो में रुचि त्रिवेदी जैसे ही सेकंड एसी (2nd AC) कोच के भीतर का लेआउट दिखाती हैं, दर्शक अपनी आंखें नहीं मूंद पाते। उन्होंने कोच के प्रीमियम पर्दे, आधुनिक रीडिंग लाइट्स, बेहतरीन लेआउट और यात्रियों की प्राइवेसी को ध्यान में रखकर किए गए डिजाइन की बारीकी से तारीफ की। रुचि ने वीडियो में उत्साह के साथ कहा: "तो दोस्तों, देखिए, अभी हम यहाँ बैठे हैं। यह वंदे भारत का स्लीपर कोच है, सेकंड AC। इसके पर्दों और बाकी चीज़ों को देखिए; इन्हें कितनी अच्छी तरह से डिज़ाइन किया गया है। पूरी ट्रेन का स्टैंडर्ड इंटरनेशनल लेवल का बनाया गया है।" इतना ही नहीं, यात्रियों को दिए जाने वाले बिस्तर और नए कंबल के कवर की ताजगी ने भी लोगों का ध्यान खींचा, जो आम ट्रेनों की तुलना में बेहद साफ और हाइजीनिक थे।

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एक बड़ा डर और जनता के 'नागरिक बोध' (Civic Sense) की परीक्षा

इस बेहद खूबसूरत और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की ट्रेन की तारीफ करने के साथ ही रुचि ने देश के नागरिकों के सामने एक गंभीर और कड़वा सवाल भी खड़ा कर दिया। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि ट्रेन तो एकदम चमक रही है, लेकिन अब इसे इसी तरह बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंट गए। जहां एक तरफ सरकार की तारीफ हो रही थी, वहीं दूसरी तरफ लोग इस बात को लेकर आशंकित दिखे कि क्या भारतीय जनता इस विश्वस्तरीय संपत्ति की कद्र कर पाएगी? इंटरनेट पर एक यूजर ने लिखा, "मैं देखना चाहता हूँ कि मेरे साथी भारतीय इस ट्रेन के साथ कैसा बर्ताव करते हैं," जबकि दूसरे ने कहा, "सरकार ने अपना काम कर दिया है, अब बारी हमारी है।"

आंकड़ों की गवाही: क्या प्रीमियम ओवरनाइट ट्रेनों का भविष्य बदल रहा है?

फरवरी 2019 में नई दिल्ली से वाराणसी के बीच शुरू हुई वंदे भारत सीरीज ने अब तक 9.1 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके यात्रियों की संख्या 34 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी के साथ 3.98 करोड़ तक पहुंच गई है। स्लीपर कोच की भारी मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर सेवा ने शुरुआती तीन महीनों की अपनी 119 ट्रिप में 100 प्रतिशत से ज्यादा की ऑक्यूपेंसी दर्ज की है।