7.1 Magnitude Earthquake: दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित वानुआतु द्वीप समूह एक बार फिर 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से दहल उठा है। महज चार दिन के भीतर यह दूसरा बड़ा भूकंप है।
Vanuatu Earthquake Today: दक्षिण प्रशांत महासागर के क्षेत्र में स्थित वानुआतु द्वीप समूह एक बार फिर से शक्तिशाली भूगर्भीय हलचल का केंद्र बन गया है। इस प्रशांत क्षेत्र को दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में गिना जाता है, और इसी वजह से यहां लगातार प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। सामने आई न्यूज़ के अनुसार यह एक बेहद शक्तिशाली भूकंप था जिसने पूरे द्वीप को हिलाकर रख दिया।
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.1 मापी गई है। यह ध्यान देने वाली बात है कि महज चार दिन के भीतर इस क्षेत्र में यह लगातार दूसरा बड़ा भूकंप है, जिसने भूवैज्ञानिकों को सतर्क कर दिया है।
10 किलोमीटर की गहराई और 7.1 तीव्रता का प्रभाव
भूकंप के तकनीकी आंकड़ों पर गौर करें तो जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने अपने शुरुआती आकलन में बताया है कि इस शक्तिशाली भूकंप का केंद्र धरती की सतह से महज 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। भूवैज्ञानिकों ने इसके एपिसेंटर की सटीक जानकारी देते हुए बताया है कि यह दक्षिणी अक्षांश 14.06 डिग्री और पूर्वी देशांतर 165.51 डिग्री पर निर्धारित किया गया है। केंद्र इतनी कम गहराई पर होने के कारण इसके संभावित प्रभावों पर विशेष रूप से नजर रखी जा रही है। फिलहाल उपलब्ध शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, और न ही सुनामी को लेकर कोई चेतावनी जारी की गई है।
चार दिन पहले 6.3 तीव्रता से दहला था पोर्ट ओलरी
इस 7.1 तीव्रता वाले भूकंप से ठीक चार दिन पहले, मंगलवार को भी वानुआतु के तट के पास एक और शक्तिशाली भूकंप आया था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, उस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.3 दर्ज की गई थी। उस झटके का केंद्र पोर्ट ओलरी गांव से करीब 200 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में समुद्र के भीतर स्थित था। उस समय प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया था कि इस 6.3 तीव्रता वाले भूकंप से सुनामी आने का कोई भी खतरा नहीं है।
पैसिफिक रिंग ऑफ फायर और टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल
वानुआतु द्वीप समूह की भौगोलिक स्थिति इसे प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील बनाती है, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के उस विशेष क्षेत्र में स्थित है जिसे 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' के नाम से जाना जाता है। यह क्षेत्र दक्षिण-पूर्व एशिया से लेकर प्रशांत महासागर के आसपास तक फैला हुआ है। इस इलाके में टेक्टोनिक प्लेटों की निरंतर गतिविधियों के कारण हलचल अक्सर होती रहती है। यही कारण है कि वानुआतु में भूकंप आना आम बात है। नुकसान की आशंका तीव्रता और गहराई पर निर्भर करती है।
