एक वायरल वीडियो में कथित पाकिस्तानी सैनिक इजरायल-अमेरिका के खिलाफ लड़ने के लिए ईरान में घुसने का दावा कर रहे हैं। वीडियो की प्रामाणिकता असत्यापित है और इसे AI-जनरेटेड होने का संदेह है। पाकिस्तान ने इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने सनसनी फैला दी है। इसमें कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना की वर्दी पहने कुछ लोग ईरान की सीमा में घुसने का दावा कर रहे हैं ताकि वे इजरायली और अमेरिकी सेना के खिलाफ लड़ सकें। यह छोटी सी क्लिप वायरल हो गई है। इसमें सैन्य वर्दी पहने कुछ सैनिक बलूचिस्तान में पाकिस्तान-ईरान सीमा की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। फुटेज में, पाकिस्तानी सेना की वर्दी जैसा पहनावा पहने एक शख्स सीधे कैमरे से बात करता है। वह हिंदी-उर्दू में कहता है, “हम अभी सरहद पार करके, ईरान की तरफ जा रहे हैं, या अल्लाह ईरान को कामयाब करना और हमें भी, दुआ में याद रखिये।”
(Disclaimer: Asianetnews Hindi इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)
खास बात यह है कि पाकिस्तानी सेना या सरकार की ओर से ईरान की तरफ किसी भी सैनिक मूवमेंट की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और यह भी साफ नहीं है कि इसे कब और कहां फिल्माया गया था। इस बयान ने ऑनलाइन बहस छेड़ दी है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह क्लिप AI से बनाई गई है।
एक यूजर ने लिखा, “कॉलर पर देश का झंडा नहीं है... यह AI वीडियो है।”
एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “फर्जी AI वीडियो। वर्दी पर झंडा नहीं है। रैंक भी पाकिस्तानी सेना के हिसाब से नहीं है। फर्जी और AI से बनाया गया है, हाहा।”
मिडिल ईस्ट में जंग तेज, ईरान और खाड़ी देशों पर नए हमले
गुरुवार को इजरायल ने ईरान पर हमलों की नई लहर शुरू की, जबकि ईरान ने खाड़ी देशों कतर और बहरीन पर अपने हमले तेज कर दिए। इसके साथ ही मिडिल ईस्ट का युद्ध पूरे क्षेत्र और उससे आगे तक फैल गया है। तेहरान और दोहा में बड़े धमाकों की आवाजें सुनी गईं, और कतर की राजधानी के आसमान में काले धुएं का घना गुबार उठता देखा गया। यह संघर्ष शनिवार को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के साथ शुरू हुआ था, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। इसके बाद यह जंग तेजी से बढ़ी, जिसने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया और वैश्विक शक्तियों को भी इसमें खींच लिया। इस वजह से शिपिंग और ऊर्जा बाजारों पर भी बुरा असर पड़ा है।
युद्ध का असर श्रीलंका के तट तक पहुंच गया है, जहां एक अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से उड़ा दिया। वहीं, अजरबैजान में एक हवाई अड्डे पर ड्रोन से हमला हुआ, जिसके बाद उसने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।


