व्हाइट हाउस के बाहर अचानक गूंजी गोलियों की आवाज़ और कुछ सेकंड में मच गया हड़कंप। पत्रकार जमीन पर लेटकर जान बचाने लगे, जबकि अंदर मौजूद थे डोनाल्ड ट्रंप। सीक्रेट सर्विस ने चेकपॉइंट पर बंदूकधारी को मार गिराया। वायरल वीडियो, चश्मदीदों के खुलासे और बढ़ते सुरक्षा खतरे ने अमेरिका को फिर दहला दिया। 

White House Shooting News: अमेरिकी सत्ता के सबसे सुरक्षित केंद्र 'व्हाइट हाउस' के बाहर शनिवार शाम उस वक्त खौफनाक मंज़र पैदा हो गया, जब एक बंदूकधारी ने सुरक्षा घेरे के बेहद करीब पहुंचकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज सुनते ही परिसर में मौजूद पत्रकारों और पर्यटकों में भगदड़ मच गई। सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमलावर को मौके पर ही ढेर कर दिया, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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कैमरे के सामने गूंजी गोलियां: जब रिपोर्टरों को लेनी पड़ी पनाह

शनिवार शाम करीब 6:00 बजे जब व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन और सुरक्षा चेकपॉइंट के पास सब कुछ सामान्य था, तभी अचानक गोलियों की आवाज़ से पूरा परिसर दहल उठा। ABC News की पत्रकार सेलिना वांग उस समय परिसर के अंदर एक वीडियो शूट कर रही थीं। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनते ही वह हैरान रह गईं और अपनी जान बचाने के लिए तुरंत नीचे झुक गईं। उन्होंने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "ऐसा लगा जैसे दर्जनों गोलियां चली हों।" इसी तरह, NBC News की जूली टिर्स्किन और कई अन्य रिपोर्टर बदहवास होकर सुरक्षित ठिकानों और प्रेस ब्रीफिंग रूम की तरफ भागे। वहां मौजूद कनाडाई पर्यटक रीड एड्रियन ने बताया, "हमने करीब 20 से 25 राउंड गोलियों की आवाजें सुनीं, जो पहले पटाखों जैसी लगीं, और फिर सब लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे।"

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बैग से निकाला हथियार और सीक्रेट सर्विस का घातक पलटवार

अधिकारियों के अनुसार, हमलावर एक बैग के साथ व्हाइट हाउस के सुरक्षा चेकपॉइंट के पास पहुंचा था। उसने अचानक अपने बैग से एक हथियार निकाला और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाते हुए फायरिंग शुरू कर दी। खतरे की गंभीरता को देखते हुए यूएस सीक्रेट सर्विस के मुस्तैद एजेंटों ने महज कुछ ही सेकंड में जवाबी कार्रवाई की। एक त्वरित मुठभेड़ में एजेंटों ने हमलावर को मौके पर ही मार गिराया। हालांकि, इस क्रॉसफायरिंग की चपेट में आकर वहां से गुजर रहा एक निर्दोष राहगीर भी गंभीर रूप से घायल हो गया। सीक्रेट सर्विस के संचार प्रमुख एंथनी गुग्लिएल्मी ने पुष्टि की कि इस पूरी घटना के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर ही मौजूद थे और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।

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एक महीने में दूसरा हमला और $400 मिलियन का 'ड्रोन-प्रूफ' बंकर

यह खौफनाक वारदात इसलिए भी सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा रही है क्योंकि यह ठीक एक महीने पहले, 25 अप्रैल को वॉशिंगटन के एक होटल में हुए हमले के प्रयास के बाद हुई है। उस वक्त व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान ट्रंप पर कथित तौर पर तीसरी बार जानलेवा हमले की कोशिश की गई थी। इससे पहले जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया की रैली और उसके बाद वेस्ट पाम बीच के गोल्फ कोर्स में भी ट्रंप को निशाना बनाया जा चुका है।

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अपनी जान पर लगातार होते इन हमलों को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस के 'ईस्ट विंग' को तुड़वाकर वहां एक विशेष 'बॉलरूम' और बंकर का निर्माण शुरू करवाया है। न्यूयॉर्क के रियल एस्टेट दिग्गज ट्रंप की इस $400 मिलियन (40 करोड़ डॉलर) की महत्वाकांक्षी परियोजना में एक अत्यधिक सुरक्षित, "ड्रोन-प्रूफ" बॉलरूम और उसके नीचे छह मंजिला भूमिगत ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिसमें एक अत्याधुनिक सैन्य अस्पताल भी शामिल होगा। फिलहाल, इस ताजा हमले के बाद पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया है और संघीय एजेंसियां मामले की सघन जांच कर रही हैं।