क्या 19 वर्षीय गौरव चोपड़ा ने सच में अपने ही माता-पिता और दादी की हत्या की या कहानी में कोई अनदेखा रहस्य छिपा है? क्या वही इस ट्रिपल मर्डर मिस्ट्री की सबसे अहम कड़ी है? पुलिस को अब तक हत्या का मकसद क्यों नहीं मिला, जबकि पूरा परिवार खत्म हो गया? टेक्सास ट्रिपल मर्डर केस में क्या सामने आएगा ऐसा सच, जो भारतीय समुदाय को झकझोर देगा?

टेक्सास: अमेरिका के टेक्सास राज्य से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने न केवल वहां रह रहे भारतीय समुदाय बल्कि पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। एक 19 वर्षीय भारतीय मूल के होनहार छात्र पर अपने ही माता-पिता और दादी की बेरहमी से गोली मारकर हत्या करने का संगीन आरोप लगा है। इस खौफनाक वारदात के बाद आरोपी छात्र पर 'कैपिटल मर्डर' (गंभीर हत्या) का केस दर्ज किया गया है। आखिर एक हंसते-खेलते परिवार में ऐसा क्या हुआ कि खून के रिश्ते ही एक-दूसरे के दुश्मन बन गए?

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टस्कनी विलेज में आधी रात का सस्पेंस: तीन पीढ़ियों का एक साथ खात्मा!

घटना 17 जून की है, जब टेक्सास के ऑल्टन के पास स्थित आलीशान टस्कनी विलेज सबडिविजन के एक घर में गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी। पुलिस को 'यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्सास रियो ग्रांडे वैली' (UTRGV) के छात्र गौरव चोपड़ा के घर पर बुलाया गया था। जब हिडाल्गो काउंटी शेरिफ कार्यालय की टीम मौके पर पहुंची, तो वहां का मंजर देखकर अनुभवी अधिकारियों के भी होश उड़ गए। घर के भीतर तीन अलग-अलग पीढ़ियों के सदस्यों की लाशें खून से लथपथ पड़ी थीं। मृतकों की पहचान गौरव के पिता सीता राम (56 वर्ष), मां कमलेश रानी (46 वर्ष) और 73 वर्षीय दादी महिंदर कौर के रूप में हुई। फॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि तीनों की मौत सिर में बेहद नजदीक से गोली लगने की वजह से हुई थी।

911 कॉल का खौफनाक राज: सगे भाई पर भी तान दी बंदूक

इस पूरी खौफनाक कहानी का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को एक घबराई हुई 911 कॉल मिली। यह कॉल किसी और ने नहीं, बल्कि गौरव के 21 वर्षीय बड़े भाई साजन ने की थी। साजन ने थरथराते हुए पुलिस को बताया कि उसके छोटे भाई ने माता-पिता और दादी को गोली मार दी है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, गौरव की हैवानियत यहीं नहीं रुकी; उसने भागने से पहले अपने सगे भाई साजन पर भी जानलेवा फायर किया, लेकिन खुशकिस्मती से निशाना चूक गया और साजन की जान बच गई।

कौन थे मृतक?

अधिकारियों के अनुसार मृतकों की पहचान 56 वर्षीय सीता राम, 46 वर्षीय कमलेश रानी और 73 वर्षीय महिंदर कौर के रूप में हुई है। परिवार स्थानीय भारतीय समुदाय में सम्मानित माना जाता था। शेरिफ एडी गुएरा ने बताया कि सीता राम एक सफल व्यवसायी थे और समुदाय में उनकी अच्छी पहचान थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे। ऐसे परिवार में हुई यह हिंसक घटना लोगों के लिए समझ से परे है।

क्या भाई भी था निशाने पर?

जांच में सामने आया कि आरोपी गौरव चोपड़ा ने कथित रूप से अपने 21 वर्षीय भाई साजन पर भी गोली चलाने की कोशिश की थी। हालांकि वह हमले में बच गया। यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह मामला और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि हमले का दायरा केवल तीन लोगों तक सीमित नहीं था। यही वह तथ्य है जिसने जांचकर्ताओं को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर उस रात घर के भीतर ऐसा क्या हुआ जिसने पूरे परिवार को निशाना बना दिया।

हाई-स्पीड चेस और भयानक एक्सीडेंट: कैसे दबोचा गया कातिल?

वारदात को अंजाम देकर गौरव अपनी गाड़ी से तेजी से फरार हो गया, जिसके बाद पूरी हिडाल्गो काउंटी की पुलिस उसके पीछे लग गई। अमेरिकी सड़कों पर हॉलीवुड फिल्मों की तरह हाई-स्पीड चेस (पीछा करने का सिलसिला) शुरू हुआ। पुलिस से बचने की अपनी आखिरी कोशिश में गौरव ने गाड़ी की रफ्तार इतनी बढ़ा दी कि वह नियंत्रण खो बैठा। 4 माइल लाइन रोड और ग्लासकॉक रोड के चौराहे के पास उसकी गाड़ी एक अन्य कार से भीषण रूप से टकरा गई। इस भयानक हादसे में दूसरी गाड़ी में सवार दो निर्दोष लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने एक्सीडेंट स्पॉट से वह हैंडगन (पिस्तौल) भी बरामद कर ली है, जिससे तीनों हत्याएं की गई थीं।

जांचकर्ताओं के सामने अजीब दावे: आखिर क्या था कत्ल का मकसद?

कोर्ट में गुरुवार को गौरव चोपड़ा की पेशी हुई, जहां उस पर हत्या और हत्या के प्रयास के कई आरोप तय किए गए। इन संगीन जुर्मों के लिए अदालत ने कोई बॉन्ड (जमानत) तय नहीं किया है, जबकि गिरफ्तारी से बचने की कोशिश के आरोप में $250,000 का बॉन्ड लगाया गया है। शेरिफ एडी गुएरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी गौरव पूछताछ में बिल्कुल सहयोग नहीं कर रहा है और जांचकर्ताओं के सामने ऐसे अजीब दावे कर रहा है जो "पूरी तरह से मनगढ़ंत और असत्य" हैं। पुलिस अभी तक इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे के असली मकसद का पता नहीं लगा पाई है।

पुश्तैनी गांव में मातम और सुरक्षा पर उठते बड़े सवाल

गौरव के पिता सीता राम पामव्यू इलाके के एक जाने-माने और प्रतिष्ठित व्यवसायी थे, जो हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे। पंजाब के नवांशहर जिले में स्थित उनके पुश्तैनी गांव में जैसे ही इस कत्लेआम की खबर पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। यह घटना जॉर्जिया मर्डर केस (जहां विजय कुमार पर पत्नी की हत्या का आरोप है) और कनाडा में विधि मेघा की हत्या जैसी हालिया हिंसक घटनाओं की याद दिलाती है। विदेशों में भारतीय मूल के परिवारों के बीच बढ़ती मानसिक तनाव की घटनाएं और भारतीय छात्रों की सुरक्षा अब एक बेहद चिंताजनक विषय बन चुकी है। इस सक्रिय आपराधिक जांच पर यूनिवर्सिटी (UTRGV) प्रशासन ने भी कानून एजेंसियों को पूरा सहयोग देने की बात कही है।