Ajay Rai Mamata Chaudhary Controversy : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं के बीच की गुटबाजी सामने आने लगी है। कांग्रेस की नेता ममता चौधरी इन दिनों अजय राय के साथ विवाद को लेकर चर्चा में हैं। इसके लिए राहुल गांधी ने राय को दिल्ली तलब किया है? माना जा रहा है कि आज हाईकमान बड़ा फैसला ले सकती है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस में इन दिनों ममता चौधरी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बीच विवाद चर्चा में है। लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में नए प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के पदभार ग्रहण कार्यक्रम से पहले दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच कहासुनी और झड़प हुई। इस घटना के बाद ममता चौधरी का नाम सुर्खियों में आ गया है। आइए जानते हैं कौन हैं ममता चौधरी और कांग्रेस में उनकी क्या भूमिका है।
कौन हैं ममता चौधरी?
ममता चौधरी कांग्रेस की महिला नेता हैं और लखनऊ नगर निगम में पार्षद रह चुकी हैं। वह महिला कांग्रेस के सेंट्रल जोन की अध्यक्ष भी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह साल 2006 से कांग्रेस से जुड़ी हैं और अब तक चार बार पार्षद का चुनाव जीत चुकी हैं। स्थानीय राजनीति में उनकी पहचान एक सक्रिय महिला नेता के रूप में है।
2022 में लड़ा था विधानसभा चुनाव
कांग्रेस ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ममता चौधरी को मोहनलालगंज की सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिली। पार्टी संगठन और नगर निगम की राजनीति में सक्रिय रहने के कारण वह लखनऊ में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में गिनी जाती हैं।
कैसे शुरू हुआ अजय राय से विवाद?
11 अक्टूबर को लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय में नए प्रदेश अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम से पहले अजय राय के समर्थकों और ममता चौधरी से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। बताया गया कि रास्ता खाली कराने को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने बाद में झड़प का रूप ले लिया। इस दौरान जूते-चप्पल चलने की भी खबरें सामने आईं।
ममता चौधरी ने लगाए आरोप
ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि अजय राय के समर्थकों ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया। वहीं, घटना के बाद पार्टी के भीतर अनुशासन और कार्यकर्ताओं के व्यवहार को लेकर सवाल उठे। आरोपों को लेकर विवाद जारी है और मामले के सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह मामला?
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है। ऐसे समय में पार्टी मुख्यालय में नेताओं के समर्थकों के बीच हुआ विवाद संगठन के लिए चुनौती बन गया है। पार्टी नेतृत्व ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है। अब जांच की रिपोर्ट और नेतृत्व की कार्रवाई पर सबकी नजर है।


