ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों के बीच उनके उत्तराधिकारी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इस रेस में उनके दूसरे बेटे मुज्तबा खामेनेई का नाम सबसे आगे है, जो एक धार्मिक विद्वान हैं और IRGC से उनके करीबी रिश्ते हैं।
तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरें आ रही हैं। दावा किया जा रहा है कि इजरायली मिसाइल हमले में उनकी जान चली गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में खामेनेई, उनकी बेटी और दामाद की भी मौत हो गई है। यह भी कहा जा रहा है कि खामेनेई के घर पर हुए इस हमले में उनके पोते की भी जान चली गई, जिससे उन्हें बचने का कोई मौका नहीं मिला। ईरान पर यह भी आरोप है कि उसने खामेनेई की मौत की खबर छिपाकर जवाबी हमला किया था। अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की खबरों के बाद अब यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन होगा। इस रेस में उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई का नाम सबसे मजबूती से सामने आ रहा है।
कौन हैं मुज्तबा खामेनेई?
पिछले साल जुलाई में 12 दिनों तक चले ईरान-इजरायल संघर्ष के दौरान मुज्तबा खामेनेई का नाम सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में आया था। मुज्तबा, खामेनेई के छह बच्चों में से दूसरे नंबर पर हैं। उनके बाकी भाई-बहन होडा, बोशरा, मोस्तफा, मसूद और मेयसम हैं। 1969 में ईरान के मशहद शहर में जन्मे मुज्तबा खामेनेई ने फिलॉसफी और इस्लामिक कानून की पढ़ाई की है और वह एक धार्मिक विद्वान हैं। 1987 में हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद, मुज्तबा IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) में शामिल हो गए। उन्होंने ईरान-इराक युद्ध के आखिरी दौर में भी हिस्सा लिया था। ईरान के बड़े धार्मिक विद्वानों और IRGC के नेताओं से मुज्तबा के काफी अच्छे रिश्ते हैं।
मुज्तबा नाम का क्या मतलब है?
अरबी भाषा में 'मुज्तबा' का मतलब होता है 'चुना हुआ'। इस्लामिक साहित्य में इस शब्द का इस्तेमाल पैगंबर मोहम्मद के लिए एक विशेषण के तौर पर भी किया जाता है। इसी वजह से यह कहा जा रहा है कि वो अयातुल्ला अली के उत्तराधिकारी हो सकते हैं। हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।


