Rahul Gandhi Press Conference :नीट पेपर लीक मामले पर सड़कों पर उतरे राहुल गांधी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने जंतर मंतर पर पैलेट गन से घायल छात्र साहिल के पेट-पीट और छाते के जख्म भी दिखाए।
नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लेकर दिल्ली से लेकर देशभर में आज भी विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी बीच आज लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हड़ताल के दौरान पैलेट गन से घायल एक छात्र को साथ में लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान राहुल ने उस स्टूडेंट के जख्म बताए, जो पुलिस के द्वारा मारपीट में बुरी तरह से घायल हुआ था। आलम यह है कि उसकी एक आंख की रोशनी शायद हमेशा के लिए जा सकती है। सिर्फ 1 प्रतिशत ही रोशनी के लौटने के चांस हैं। तो आइए जानते हैं कौन है यह पीड़ित छात्र?
राहुल गांधी ने छात्र के अपने हाथ से दिखाए गहरे जख्म
दरअसल, 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर मंतर से संसद भवन तक जो पैदल मार्च निकाला था, उस दौरान पुलिस के द्वारा हुई लाठीचार्ज में करीब 100 से ज्यादा छात्र घायल हुए थे। जिसमें यह स्टूडेंट यह साहिल भी शामिल है। जिसके साथ खड़ा करके आज राहुल गांधी ने ना सिर्फ वो घटना बताई, बल्कि उसके हाथों, पीट-पेट और छाती के जख्मों को भी बताया। राहुल ने कहा-यह घायल बच्चा मेरा भाई है, जो हाथ में तिंरगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहा था। लेकिन उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था। राहुल ने कहा ‘धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे हमारे एजुकेशन सिस्टम के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं। उन्हें इस्तीफा देना ही पड़ेगा।
कौन है साहिल जिसके जख्म राहुल ने दिखाए
- बता दें कि जिस छात्र के राहुल गांधी ने आज सबके सामने जख्म दिखाए हैं उस छात्र का पूरा नाम साहिल लोचाब है। जो कि दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ का रहने वाला है। साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र हैं। वह हमेशा पुलिस अधिकारी बनना चाहता था। जो जंतर मंतर पर विरोध में शामिल होने के लिए अपनी मां से यह कहकर गया था कि यह मेरे करियर से जुड़ा मामला है, इसलिए मैं भी गया हूं। लेकिन उसे उम्मीद नहीं था कि उसे इस विरोध में जिंदगीभर का जख्म मिल जाएगा।
आंख की रोशनी की सिर्फ 1% उम्मीद
साहिल की हाल ही में दिल्ली के AIIMS के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में सर्जरी हुई है। जिसकी पुलिस की पैलेट गन से दाहिनी आंख की रोशनी जाने की कगार पर है। डॉक्टरों ने बताया है कि घायल आंख की रोशनी लौटने की सिर्फ 1% संभावना है, क्योंकि आंख की पुतली को गंभीर नुकसान पहुंचा है।


