महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में तीखी बहस हुई। प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वो महिलाओं का चैंपियन बनने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष सीटों के बंटवारे को लेकर झूठी बातें फैला रहा है।

नई दिल्ली: महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में हुई चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने केंद्र और बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजादी के तुरंत बाद कांग्रेस ने महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिलाया और स्थानीय निकायों में आरक्षण लागू किया। प्रियंका ने आरोप लगाया कि उस वक्त बीजेपी ने इस आरक्षण का विरोध किया था।

प्रियंका गांधी ने कहा, "नरेंद्र मोदी महिलाओं के चैंपियन बनने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी ने अब 2023 में अपनी नीति बदल ली है। जातीय जनगणना से बचने के लिए पुरानी जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार ओबीसी समुदाय को उनका वाजिब हक देने से डर रही है। हम ओबीसी समुदाय के अधिकार छीनने नहीं देंगे। 543 सीटों पर आरक्षण क्यों नहीं लागू किया जा रहा है?"

वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने बहस के दौरान कहा कि विपक्ष परिसीमन (सीटों का पुनर्निर्धारण) को लेकर भ्रम फैला रहा है। उन्होंने साफ किया कि परिसीमन के बाद भी दक्षिण भारतीय राज्यों की सीटों में कोई कमी नहीं आएगी। शाह ने कहा, "सभी राज्यों की सीटों में 50% की बढ़ोतरी होगी। तमिलनाडु का सीट हिस्सा 7.18% से बढ़कर 7.23% हो जाएगा। कर्नाटक की सीटें 28 से बढ़कर 42 हो जाएंगी।"

अमित शाह ने आगे कहा, "सरकार की अगुवाई में जातीय जनगणना होने जा रही है। विपक्ष बिना तथ्यों के बातें कर रहा है। मैं देश के गृह मंत्री के तौर पर गारंटी देता हूं कि दक्षिण भारतीय राज्यों को कोई नुकसान नहीं होगा। विपक्ष को असली तथ्यों को पढ़ना चाहिए। मैं कल इस पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करूंगा। हम यूपीए सरकार द्वारा बनाए गए परिसीमन कानून का ही पालन कर रहे हैं। देश में लोकतंत्र को खत्म करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।"

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लोग महिला आरक्षण बिल का विरोध कर रहे हैं, देश की महिलाएं उन्हें लंबे समय तक माफ नहीं करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बिल का क्रेडिट नहीं चाहिए और राज्यों की लोकसभा सीटों का मौजूदा अनुपात बना रहेगा। इसके जवाब में विपक्ष ने सरकार पर संविधान को हाईजैक कर राज्यों के अधिकार छीनने का आरोप लगाया। वोटिंग के बाद ही लोकसभा ने इस संविधान संशोधन बिल पर चर्चा की अनुमति दी।