अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में मुलाकात हुई। इस द्विपक्षीय बातचीत में शी जिनपिंग ने दोनों देशों के बीच टकराव की जगह सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें दुश्मन नहीं, बल्कि पार्टनर बनना चाहिए।

बीजिंग: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात में सहयोग की अपील की है। बीजिंग में हुई द्विपक्षीय बातचीत में शी जिनपिंग ने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच टकराव नहीं, बल्कि सहयोग होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया ऐसे बदलावों से गुज़र रही है जो पिछली एक सदी में नहीं देखे गए। ऐसे में चीन और अमेरिका जैसी दो बड़ी ताकतों को दुश्मन नहीं, बल्कि पार्टनर बनना चाहिए।

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शी जिनपिंग ने नौ साल बाद चीन दौरे पर आए ट्रंप का स्वागत किया और कहा कि इस मुलाकात से उन्हें बहुत खुशी हुई है। शी जिनपिंग ने कहा, "पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका-चीन की इस मुलाकात पर हैं। इस वक्त दुनिया में ऐसे बदलाव हो रहे हैं, जो पिछली एक सदी में नहीं देखे गए। अंतरराष्ट्रीय हालात अस्थिर और उथल-पुथल भरे हैं। दुनिया एक नए मोड़ पर खड़ी है।"

शी जिनपिंग ने सवाल किया कि क्या चीन और अमेरिका के बीच एक नया मॉडल बनाया जा सकता है। उन्होंने पूछा, "क्या हम वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना कर सकते हैं और दुनिया को ज़्यादा स्थिरता दे सकते हैं? क्या हम दोनों देशों के लोगों और पूरी मानवजाति के भविष्य के हितों के लिए, अपने द्विपक्षीय संबंधों का एक साथ एक उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं?"

उन्होंने आगे कहा, "मेरा मानना है कि अमेरिका और चीन के साझा हित हैं। एक की सफलता दूसरे के लिए एक मौका है। स्थिर द्विपक्षीय रिश्ते दुनिया के लिए अच्छे हैं। चीन और अमेरिका को सहयोग से फायदा और टकराव से नुकसान होगा। हमें दुश्मन नहीं, बल्कि पार्टनर बनना चाहिए।" शी जिनपिंग ने कहा कि हमें एक-दूसरे को सफल होने और आगे बढ़ने में मदद करनी चाहिए और इस नए युग में बड़ी शक्तियों के लिए एक-दूसरे के साथ अच्छी तरह से रहने का सही तरीका खोजना चाहिए। चीनी राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि दोनों नेता मिलकर द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू कर सकते हैं।