भारतीय खिलाड़ी मीराबाई चानू ने इस प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता है। ऐसे में अगर चीनी खिलाड़ी डिस्क्वालिफाई हुई तो उनको गोल्ड मिल जाएगा। 

टोक्यो। टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) के खेलगांव से भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी का संदेश आ रहा है। संभव है भारत की बेटी मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) की चांदी सोने के मेडल में बदल जाए। यह इसलिए क्योंकि गोल्ड जीतने वाली चीनी वेटलिफ्टर पर डोप का शक गहरा रहा है। सूत्रों की मानें तो चीन की होउ जिहूई (Hou Zhihui) के ए-सैंपल में संदेह होने पर उनको बी-सैंपल के लिए बुलाया गया है।

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क्या हो सकता है?

अगर गोल्ड मेडल जीतने वाली चीन की होउ जिहूई का बी सैंपल भी पॉजिटिव आता है तो उनसे गोल्ड छीन ली जाएगी। उनको डिस्क्वालिफाई करते हुए दूसरे स्थान वाले को विजेता घोषित कर दिया जाएगा। टोक्यो ओलंपिक आयोजन समिति और आईओसी इस पर निर्णय लेगा। 

क्यों खुश होना चाहिए भारत को?

भारतीय खिलाड़ी मीराबाई चानू ने इस प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता है। ऐसे में अगर चीनी खिलाड़ी डिस्क्वालिफाई हुई तो उनको गोल्ड मिल जाएगा। 

चानू ने भारत को किया गौरवान्वित

पूर्वाेत्तर की महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में शनिवार को सिल्वर मेडल जीतकर एक इतिहास रच दिया है। भारत को टोक्यो ओलंपिक में पहला पदक दिलाकर चानू ने 135 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों को पंख लगा दिया। उन्होंने महिलाओं के 49 किग्रा में 202 किग्रा (87 किग्रा ़115 किग्रा) भार उठाकर सिल्वर मेडल जीता। वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में चानू ने भारत को 21 साल के बाद मेडल दिलाया। चानू से पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी ओलंपिक 2000 में वेटलिफ्टिंग में कांस्य मेडल जीता था।

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