केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का बुधवार को वाम मोर्चा शासित केरल में करीब - करीब हर जगह असर दिखा केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) और निजी आपरेटरों की बसें सुबह से ही सड़कों पर नहीं दिख रही थीं 

तिरुवनंतपुरम: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का बुधवार को वाम मोर्चा शासित केरल में करीब - करीब हर जगह असर दिखा। केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) और निजी आपरेटरों की बसें सुबह से ही सड़कों पर नहीं दिख रही थीं।

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तिरुवनंतपुरम में केएसआरटीसी की नगर और लंबी दूरी के मार्गों की बस सेवाएं बंद रहीं। सड़कों पर वाहनों और ऑटो रिक्शा की आवाजाही भी कम थी। लेकिन सबरीमाला तीर्थयात्रियों को हड़ताल से छूट दी गई है । अयप्पा के भक्तों को पंबा तक जाने के लिए केएसआरटीसी की बसें मिल रही थीं।

मुख्यमंत्री पी . विजयन और अन्य मंत्री भी नहीं गए कार्यालय 

राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से जुड़ी ट्रेडयूनियनें हड़ताल में शामिल थीं। मुख्यमंत्री पी . विजयन और अन्य मंत्री भी कार्यालय नहीं गए। बुधवार को होनी वाली मंत्रिमंडल की बैठक भी एक दिन पहले ही कर ली गई थी। रेलवे सुत्रों ने कहा कि हड़ताल से रेल सेवाओं पर असर नहीं पड़ा है और रेलवे स्टेशन पर कोई प्रदर्शन भी नहीं हुआ है।

केंद्रीय ट्रेड यूनियन श्रम सुधार, एफडीआई, विनिवेश और निजीकरण को लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। यूनियनों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों के लिए हड़ताल बुलाई है। इनमें न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)