मोदी सरकार की अग्‍न‍िपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन अब तेज हो गया है। बिहार के साथ-साथ अब राजस्थान में भी युवा इसके खिलाफ सड़क पर उतर चुके हैं। साथ ही विपक्षी दलों के नेताओं ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया है। 

जयपुर (राजस्थान). सेना में चार साल के लिए भर्ती के लिए लाई जा रही अग्निपथ योजना को लागू करने से पहले देश के कई राज्यों में इस योजना का विरोध शुरु हो गया हैं। योजना के नाम पर युवाओं से छल होने की बात कही जा रही है। बिहार में तो बड़ा प्रदर्शन शुरु हो गया है और इसी तर्ज पर राजस्थान में भी बवाल होना शुरु हो गया है। आपको आसान भाषा मे समझाते हैं कि आखिर इस भर्ती योजना का विरोध युवा क्यों कर रहे है... आइए जानते हैं इसकी क्या है असली वजह।

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राजस्थान में सांसद हनुमान बेनीवाल कर रहे विरोध की अगुवाई
बता दें कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ माहौल बनने लगा है। राजस्थान के युवा विरोध में आ गए हैं और उनकी अगुवाई सांसद हनुमान बेनीवाल कर रहे हैं। सांसद बेनीवाल का कहना है कि अगर सरकार पुर्नविचार नहीं करती है तो हम संसद घेरने आ रहे हैं, तैयार हो जाइए। सांसद ने कहा कि इस योजना में कई लकुने हैं, उनको सही नहीं किया जा सकता है। योजना को रद्द करना ही सही है। 

इन पांच बिंदुओं से समझें कहां आ रही है परेशानी
1.
राजस्थान के आएलपी पार्टी के सांसद का कहना है कि सिर्फ चार साल नौकरी के लिए, गलत है। चार साल में छह महीने तो हथियार चलाने में बीत जाएंगे बाद में बाकि समय नौकरी जाने का चिंता में चला जाएगा। 

2. एमएलए नारायण बेनीवाल का कहना है कि केंद्र सरकार को फिर से इस बारे में सोचना चाहिए, भर्ती की योजना बदले, इसकी जगह भर्ती में दो साल की छूट दी जाए। सालों से युवा मेहनत करते हैं। 

3. राजस्थान के शेखावटी क्षेत्र में डिफेंस एकेडमी चलाने वाले पूर्व फौजी का कहना है कि भर्ती का यह तरीका सेना का मनोबल तोड़ देगा। जिस कारण से इस तरह भर्ती की जा रही है, वह कारण ही सिद्ध नहीं होगा। 

4. राजस्थान सरकार में मंत्री सुभाष गर्ग का कहना है कि मोदी सरकार के पास नौकरियां नही है, सेना में इस तरह का मजाक करना सही नही है। यह युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है। 

5. पांच साल सेना भर्ती की तैयारी कर रहे बीस साल के रोहन सिंह का कहना है कि यह युवाओं के साथ मजाक भर है। जब तक कमाने की उम्र आएगी तब तक तो सेना रिटायर कर देगी। देश सेवा का जज्बा लिए सेना में जाने के बरसों से सपने देख रहे हैं युवा, सारे सपने धूमिल हो रहे हैं। सरकार इसे वापस लेगी तो ही चैन मिलेगा।